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सीटीएई की उपलब्धियों से रूबरू हुए कुलगुरु, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं परिणामोन्मुख अनुसंधान पर दिया जोर

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18 Jul 26
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सीटीएई की उपलब्धियों से रूबरू हुए कुलगुरु, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं परिणामोन्मुख अनुसंधान पर दिया जोर

उदयपुर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. (डॉ.) प्रताप सिंह धाकड़ का संकाय सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपने उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. धाकड़ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परिणामोन्मुख एवं उपयोगी अनुसंधान, किसानों के हित में कम लागत वाली तकनीकों के विकास, अंतरविभागीय समन्वय, कंसल्टेंसी, प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बताते हुए इन क्षेत्रों में प्रभावी कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक संकाय सदस्य को आगामी पाँच वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने तथा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेटवर्क (Alumni Network) का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित खुले संवाद सत्र में संकाय सदस्यों ने महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर कुलगुरु के साथ विचार-विमर्श किया तथा अपने सुझाव साझा किए। इस अवसर पर सीटीएई के अधिष्ठाता डॉ. सुनील जोशी ने कुलगुरु का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने आधुनिक प्रयोगशालाओं, सुदृढ़ आधारभूत सुविधाओं, 75–80 प्रतिशत कैंपस प्लेसमेंट, 6–7 लाख रुपये के औसत तथा 16 लाख रुपये तक के उच्चतम पैकेज तथा नए बी.टेक. पाठ्यक्रमों के प्रस्तावित संचालन की जानकारी दी।

बैठक में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान परियोजनाओं, पेटेंट, शोध प्रकाशनों, प्लेसमेंट, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं तथा उद्योगों के साथ सहयोगात्मक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अतिथि संकाय एवं RHTEQIS संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विनोद यादव ने किया, जबकि संचालन कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना जैन ने किया। अंत में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. बी.एल. सालवी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

संवाद कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत कुलगुरु के नेतृत्व में संकाय सदस्यों द्वारा 108 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु ने वृक्षों के पर्यावरणीय, सामाजिक एवं आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष प्राकृतिक संतुलन, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं मृदा संरक्षण तथा स्वच्छ पर्यावरण के आधार हैं। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों से पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को हरित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।


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