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हार्ट की गंभीर चुनौतियों के बीच सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर दिया नया जीवन

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10 Apr 26
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हार्ट की गंभीर चुनौतियों के बीच सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर दिया नया जीवन

उदयपुर,  पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अस्थि रोग विभाग ने 87 वर्षीय मोहन सिंह, जो गंभीर हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, का सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर नया जीवन मिला है। यह ऑपरेशन उन परिस्थितियों में किया गया, जब कई अस्पतालों ने उनकी उम्र और जटिल मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए सर्जरी करने से इनकार कर दिया था। इस सफल ऑपरेशन में स्पाइन एवं जॉईन्ट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. अनुरोध शांडिल्य,डॉ.राहुल,डॉ.नवदीप,डॉ.हर्ष,डॉ.यश,एनेस्थिशिया विभाग के डॉ.प्रकाश औदिच्य,डॉ. रविंद्र चौहान,डॉ. अरविंद गुप्ता, सुभाष शर्मा,सूरज एवं नागेश्वर की टीम का सहयोग रहा।

दरअसल उदयपुर निवासी 87 वर्षीय मोहन सिंह 30 मार्च को अचानक गिर गए थे, जिससे उनके दाएं पैर के कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। मरीज लंबे समय से उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे और वर्ष 2020 में उन्हें हार्ट अटैक भी आ चुका था। साथ ही पिछले छह वर्षों से वे रक्त पतला करने की दवाइयां ले रहे थे, जिससे सर्जरी जोखिमपूर्ण हो गई थी।

स्पाइन एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ.अनुरोध शांडिल्य ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में हाइब्रिड इंप्लांट तकनीक का उपयोग किया गया। मरीज की हृदय स्थिति को ध्यान में रखते हुए एनेस्थीसिया के लिए स्पाइनल और एपिड्यूरल तकनीक अपनाई गई, जिससे ऑपरेशन के दौरान हृदय पर न्यूनतम दबाव पड़े।

सफल ऑपरेशन के बाद मोहन सिंह अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और वॉकर की मदद से चलने लगे हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने पर परिजनों ने चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए इसे नया जीवन बताया है।

मरीजों का भरोसा हमारी प्राथमिकताः- राहुल अग्रवाल

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने सफल सर्जरी पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का मुख्य ध्येय ही जटिल से जटिल मामलों में राहत प्रदान करना है। जब अन्य अस्पतालों ने मरीज की उम्र और मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए हाथ खड़े कर दिए थे, तब हमारे डॉक्टर्स ने अत्याधुनिक तकनीक और टीम वर्क के भरोसे इस चुनौती को स्वीकार किया। 87 वर्ष की आयु में हार्ट पेशेंट का सफल हिप रिप्लेसमेंट होना यह दर्शाता है कि अब मेवाड़ में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमें खुशी है कि मोहन सिंह जी अब अपने पैरों पर चलकर घर जा रहे हैं।


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