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कल भव्य शोभायात्रा, आज मार्ग आमंत्रण से शहरवासियों को करेंगे आमंत्रित

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21 Mar 26
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कल भव्य शोभायात्रा, आज मार्ग आमंत्रण से शहरवासियों को करेंगे आमंत्रित

उदयपुर, भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा चेटीचंड पर्व के अवसर पर झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल की आरती कर नववर्ष की मंगलकामनाएं की गईं। इस अवसर पर धनराज, विष्णु, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत एवं समिति के सदस्यों द्वारा शोभायात्रा को शुभारंभ किया गया।

 

इसके पश्चात सूरजपोल स्थित समिति के कार्यालय का उद्घाटन हेमेन्द्र श्रीमाली एवं मातृशक्ति द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा विभिन्न कार्यों के लिए दायित्व तय किये गए।

 

बैठक के पश्चात भारतीय नववर्ष के प्रचार-प्रसार हेतु भगवा रथ को रवाना किया गया। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नववर्ष का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा।

 

समिति द्वारा समिति के सदस्य कल मार्ग आमंत्रण के लिए निकलेंगे जिसमें नागरिकों को शोभायात्रा में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

 

22 मार्च को भव्य शोभायात्रा एवं धर्मसभा

उन्होंने बताया कि 22 मार्च को भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) से दोपहर 3 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर निगम प्रांगण पहुंचेगी। शोभायात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य, मातृशक्ति की सहभागिता तथा विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी।

टाउन हॉल पर धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संत-महात्माओं के आशीर्वचन प्राप्त होंगे। 

सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में रेपरिया बालम फेम अशोक मंडा विश्नोई की विशेष प्रस्तुति होगी, जो युवाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।

समिति ने उदयपुरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा एवं धर्मसभा में शामिल होने का आह्वान किया।

 

‘पंच परिवर्तन’ का संकल्प

भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा इस वर्ष नवसंवत्सर उत्सव को “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और भारतीय जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।

पंच परिवर्तन के अंतर्गत पाँच प्रमुख विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है—

• स्व का भाव – अपनी संस्कृति, इतिहास, परंपरा और भारतीय ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत करना।

• सामाजिक समरसता – समाज के सभी वर्गों में एकता, समानता और सद्भाव को बढ़ावा देना।

• पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए जल, वृक्ष और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना।

• कुटुंब प्रबोधन – परिवार में संस्कार, नैतिकता और पारिवारिक एकता को सुदृढ़ करना।

• नागरिक कर्तव्य – राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना।

समिति का उद्देश्य है कि इन पांचों विषयों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़े और भारतीय नववर्ष को केवल उत्सव नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाया जाए


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