भीलवाड़ा संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (R&D Cell) के संयुक्त तत्वावधान में "Advancing Research Culture and OBE Practices for NAAC Binary Accreditation" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Programme - FDP) का सफल आयोजन किया गया।
IQAC निदेशक प्रो. प्रीति मेहता ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध संस्कृति को सुदृढ़ करना, गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना तथा परिणाम आधारित शिक्षा एवं UGC- NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों को व्यावहारिक एवं अद्यतन जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. आर. एस. राय, प्रोफेसर, बेनेट विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ने प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध, प्रभावी पीएच.डी. शोध प्रबंध लेखन, शोध प्रबंधन उपकरणों का उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन, पेटेंट, परामर्श (Consultancy), बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं तथा NAAC एवं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग में शोध प्रदर्शन संकेतकों की भूमिका पर विस्तृत एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध की गुणवत्ता, नैतिकता तथा नवाचार को विश्वविद्यालयों की उत्कृष्टता का आधार बताया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो. राय ने Outcome-Based Education (OBE) की अवधारणा, NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन प्रणाली, CO–PO मैपिंग, अटेनमेंट विश्लेषण, पाठ्यक्रम नियोजन, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा परिणामोन्मुख मूल्यांकन रणनीति
यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से OBE के सफल क्रियान्वयन एवं सतत गुणवत्ता सुधार की प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार, डीन रिसर्च प्रो. अर्चना अग्रवाल, प्रो. राजीव मेहता, प्रो. राजकुमार चतुर्वेदी, प्रो. प्रवीण सोनी, प्रो. गुणमाला, डॉ. दीपक काबरा, डॉ. जयंत शर्मा, डॉ. अभिषेक सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, एवं बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि प्रो. आर. एस. राय को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं शोध तथा गुणवत्ता उन्मुख शिक्षा के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या खेत्रपाल एवं डॉ. अभिलाषा भट्ट ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।