शिक्षा, पर्यावरण और समाजसेवा को मिलेगी नई रफ्तार, यूनाइटेड उदयपुर राउंड टेबल 234 की नई टीम ने संभाली कमान उदयपुर, 3 अगस्त। यूनाइटेड उदयपुर राउंड टेबल 234 की वार्षिक आम सभा (एजीएम) में वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।
नई टीम ने समाजसेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जनहित के कार्यों को नई गति देने का संकल्प लिया।
नई कार्यकारिणी में राजेन्द्र मेनारिया को चेयरमैन, प्रतीक खुराना को वाइस चेयरमैन, दिक्षांत मेहता को सेक्रेटरी, कुशाग्र मेहता को कोषाध्यक्ष तथा अचल अग्रवाल को इमीडिएट पास्ट चेयरमैन (आईपीसी) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवनिर्वाचित चेयरमैन राजेन्द्र मेनारिया ने कहा कि संस्था इस वर्ष सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देगी।
विशेष रूप से व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा तथा सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विभिन्न सेवा परियोजनाएं संचालित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
वाइस चेयरमैन प्रतीक खुराना ने कहा कि संस्था टीम भावना और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ समाजहित के कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
वहीं सेक्रेटरी दिक्षांत मेहता ने कहा कि प्रत्येक सेवा परियोजना को सुनियोजित और समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे उसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कोषाध्यक्ष कुशाग्र मेहता ने संस्था की वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इमीडिएट पास्ट चेयरमैन अचल अग्रवाल ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम सेवा और समर्पण की भावना के साथ शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगी तथा सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत मिसाल स्थापित करेगी।
फोटोः- राउण्ड टेबल इंडिया ----------------------------------------------------- बाह्य सौंदर्य क्षणिक, आत्मिक सौंदर्य ही देता है सच्ची शांति:डॉ. सुरेन्द्र मुनि उदयपुर, 3 अगस्त।
देवेन्द्र धाम में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचनमाला के अंतर्गत सोमवार को आयोजित धर्मसभा में श्रीमद् सुख विपाक सूत्र के वांचन के अंतर्गत डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि बाहरी सुंदरता केवल आकर्षण का विषय होती है, जबकि वास्तविक और स्थायी सुंदरता आत्मा का गुण है।
बाह्य सौंदर्य समय के साथ नष्ट हो जाता है, लेकिन आत्मिक सौंदर्य सदैव शाश्वत और अविनाशी रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्मिक विकास के लिए श्रवण का विशेष महत्व है।
धर्मवाणी का नियमित श्रवण व्यक्ति के विचारों को शुद्ध करता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। यदि कानों में धर्मश्रवण की शक्ति नहीं होगी तो जीवन का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य में गुणों का विकास अच्छे संस्कारों और सत्संग से होता है। जो व्यक्ति निरंतर धर्मवाणी का श्रवण करता है, वह अपने जीवन को पावन, पवित्र और मोक्षमार्ग के योग्य बना सकता है।
इसलिए आत्मिक उन्नति के लिए धर्म, ज्ञान और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है। सभा के अंत में श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। फोटोः-राजेन्द्र मुनि जी ------------------------------------------------- चातुर्मास तभी सफल, जब आत्मा में जागे परिवर्तन की चेतनाःसाध्वी डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी उदयपुर, 3 अगस्त।
दादावाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत सोमवार को खरतरगच्छ समिति के तत्वावधान में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
प्रवचन प्रभाविका, विदुषी साध्वी डॉ. श्री विद्युत् प्रभा श्रीजी म.सा. ने कहा कि चातुर्मास का वास्तविक उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मजागरण और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
जब आत्मा में सद्धर्म की प्यास जागृत होती है, तभी चातुर्मास सफल माना जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रकृति में अच्छी वर्षा और भरपूर फसल चातुर्मास की सफलता का प्रतीक होती है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में आत्मतत्त्व और परमात्मतत्त्व की अनुभूति ही आध्यात्मिक सफलता का प्रमाण है।
बाहरी उपलब्धियों से अधिक आवश्यक है कि व्यक्ति अपने भीतर झांके और स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करे। साध्वीश्री ने बाहरी और आंतरिक जीवन का अंतर समझाते हुए कुएं तथा जलाशय के जल का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि कुएं का जल भीतर से स्वयं प्रस्फुटित होता है, जबकि टंकी या जलाशय का जल बाहर से भरा जाता है। ठीक इसी प्रकार वास्तविक ज्ञान और आत्मबल भी भीतर से जागृत होता है।
उन्होंने गौतम स्वामी के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि इन्द्रभूति जैसे महान विद्वान को भी परमात्मा महावीर की शरण में आने के बाद ही आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई।
प्रवचन में उन्होंने भगवान महावीर और गौतम स्वामी के संवाद, अप्प दीपो भव के संदेश तथा आत्मनिरीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि परमात्मा की कृपा, गुरु का आशीर्वाद, माता-पिता का स्नेह तथा दीन-दुखियों और मूक प्राणियों की दुआएं जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
श्रीकृष्ण-सुदामा की मैत्री और चरित्र सूत्र के प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने सच्ची मित्रता, त्याग, धर्म और आदर्श जीवन के मूल्यों को सहज रूप में समझाया।
कार्यक्रम में ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष राज लोढ़ा, चातुर्मास संयोजक गजेंद्र भंसाली, उपाध्यक्ष शैलेंद्र लोढ़ा, गौरव कोठारी, केएमपी की पूर्व अध्यक्षा माया सिरोया, ऋतु पारिख तथा वंदना गन्ना ने तपस्वियों एवं अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया।
चातुर्मास सह-संयोजक सुभाष महात्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
फोटोः- विद्युतप्रभाश्री --------------------------------------------------- हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार को मिलेगा नया आयाम, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जॉब फेयर को दिया समर्थन उदयपुर, 3 अगस्त।
राजस्थान होटलियर्स क्लब (त्भ्ब्) एवं राजस्थान रॉयल शैफ सोसायटी (त्त्ब्ै) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी से जयपुर में शिष्टाचार भेंट कर राजस्थान होटलियर्स क्लब (त्भ्ब्) एवं राजस्थान रॉयल शैफ सोसायटी जॉब फेयर 2026ष् का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराते हुए कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर युवाओं का मार्गदर्शन करने का आग्रह भी किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आरएचसी के संस्थापक रजनीकांत शर्मा ने किया।
इस अवसर पर प्रशांत त्रिवेदी एवं भानु प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। रजनीकांत शर्मा ने बताया कि उदयपुर में आयोजित होने वाला यह जॉब फेयर राजस्थान के हॉस्पिटैलिटी उद्योग का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा, जिसमे प्रदेश के 50 प्रतिष्ठित होटल एवं रिसॉर्ट ब्रांड भाग लेंगे।
आयोजन का उद्देश्य होटल, पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार, प्रशिक्षण और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनका प्रेरक संदेश प्रदेश के हॉस्पिटैलिटी उद्योग को नई दिशा देगा तथा हजारों युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार के लिए प्रेरित करेगा।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी नेराजस्थान होटलियर्स क्लब (त्भ्ब्) एवं राजस्थान रॉयल शैफ सोसायटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राजस्थान में रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन उद्योग को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने इस संयुक्त पहल को सराहनीय बताते हुए आयोजन को अपना पूर्ण सहयोग एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि राजस्थान होटलियर्स क्लब (त्भ्ब्) एवं राजस्थान रॉयल शैफ सोसायटी जोब फेयर 2026 उदयपुर में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य के अग्रणी होटल एवं रिसॉर्ट समूहों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही मंच पर जोड़कर आतिथ्य क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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