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राज्य में बड़ा शिक्षक कर्मचारी आन्दोलन शुरू करने संगठनों में वार्ताएं शुरू

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10 Apr 26
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राज्य में बड़ा शिक्षक कर्मचारी आन्दोलन शुरू करने संगठनों में वार्ताएं शुरू

बांसवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम  घाटोल इकाई की बैठक उपखण्ड मुख्यालय पर प्रदेश मंत्री नानूराम डामोर जिला मंत्री महिपाल भुता की अगुवाई में समारोह पूर्वक सम्पन्न हुई।

बैठक के प्रारम्भ में जिला मंत्री महिपाल भुता ने भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण कर,सामूहिक वन्दे मातरम् गान के साथ हुई।

बैठक में शामिल वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में भीषण गर्मी ओर भौगोलिक परिस्थितियों में महिला कार्मिकों की ड्यूटी जनगणना में लगाना न्यायोचित नहीं है पूर्णतया अव्यावहारिक है।

 *20 अप्रेल को  जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे*

 सरकार ने शिक्षकों की मांगें नहीं मानी तो आंदोलन के आगामी चरणों के तहत 20 अप्रेल को जिला स्तर से जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।

सरकार से माँग की कि इस अव्यवहारिक निर्णय को जल्द से जल्द वापस लिया जाए और शिविरा पंचांग में शीघ्र संशोधन कर ग्रीष्मावकाश 16 मई से 30 जून तक रखा जाए और संस्था प्रधान के अधिकार को पहले की तरह 2 दिन का किया जाए I

*18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल शिक्षक रैली*

 यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं की तो 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल शिक्षक रैली निकाली जाएगी और राजस्थान के सभी शिक्षक लामबंद होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे I

इस अवसर पर जयपुर में विभिन्न शैक्षिक समस्याओं मुद्दों को लेकर प्रांतीय संगठन द्वारा आन्दोलन को तेज करने हेतु अन्य शिक्षक कर्मचारी संगठनों से वार्ता करने हेतु सहयोग का स्वागत किया गया।

*सरकारी शिक्षकों ने मांगा पढ़ाने का अधिकार ओर गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति*
 
*शिक्षक सरकारी स्कूलों में पढ़ाना चाहता है*

प्रदेश मंत्री नानूराम डामोर ने राजस्थान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षक सरकारी स्कूलों में पढ़ाना चाहता है उसे जनगणना, पशु गणना , विभिन्न सर्वे से गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाना आवश्यक है क्योंकि गैर शैक्षणिक कार्यों के चलते सरकारी स्कूलों का नामांकन तेजी से गिरा है ।

*शिक्षक सड़कों पर उतर कर आन्दोलन करें यह राष्ट्रवादी पार्टी ओर सरकार के लिए शर्म की बात*

वरिष्ठ नेता श्रीपाल जैन ने कहा कि शिक्षक सड़कों पर उतर कर आन्दोलन करें यह राष्ट्रवादी पार्टी ओर सरकार के लिए शर्म की बात है।

*राज्य सरकार की कथनी और करनी में अन्तर*

देवीलाल खराड़ी  ने कहा कि राज्य सरकार की कथनी और करनी में अन्तर व्याप्त है चुनाव के समय घोषणा पत्र में स्थानांतरण नीति लागू करने की घोषणा की गई थी किन्तु वर्तमान में नीति की जगह डिजायर पद्धति अपनाई जा रही है और शिक्षकों को बंधुआ मजदूर बना दिया गया हैं।

*हमें पढ़ाने दो आन्दोलन शुरू*

उप शाखा अध्यक्ष बदन लाल डामोर ने कहा कि जल्द ही *हमें पढ़ाने दो* आन्दोलन गांव गांव पहुंचेगा क्योंकि  जन गणना, बी एल ओ कार्यों को बेरोजगार युवाओं को भत्ता,मानदेय के आधार रखा जा सकता हैं किन्तु ग्रीष्म काल अवकाश में एकल महिलाओं शिक्षकों की ड्यूटी निरस्त नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

इस अवसर पर देवीलाल खराड़ी, श्रीपाल जैन, जयकुमार त्रिवेदी, चेतन  भगोरा, छगन मसार, भेरू डोडियार, डाया लाल यादव, हीरालाल कटारा, अरुण व्यास, जितेंद्र पारगी, हितेश निनामा, प्रभु लाल खराड़ी, मयूर पडियार, गजेंद्र कुमार व्यास, रमेश प्रजापत, पर्वत सिंह , गांगजी  डामोर, जीवत राम कटरा, हरीश चरपोटा , सचिन जैन, खेमचंद पाटीदार, मनीषा आमेटा , रैना चरपोटा , श्रीमति प्रज्ञा  आदि बैठक में उपस्थित रहे।


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