*मरम्मत बज़ट आवंटन की जगह भवन सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा*
*अंधेर नगरी चौपट राजा*----?
*राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने राजा का दण्ड फ़कीर को देने पर विरोध जताया*
*झालावाड़ के पिपलोदी प्राथमिक शाला भवन हादसा में पीओ प्रधानाचार्य को जिम्मेदार ठहराए जाने ओर दो वेतन वृद्धि रोकने का विरोध किया*
बांसवाड़ा।
राजस्थान के झालावाड़ जिले के गांव पिपलोदी के प्राथमिक शाला भवन में 9 माह पूर्व भवन गिरने में नव विद्यार्थियो की मौत पर दुःख जताते हुए बांसवाड़ा जिले के शिक्षा अधिकारियों ने राजस्थान सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा तीन माह से कम पीओ प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत संस्था प्रधान को जिम्मेदार ठहराए जाने ओर दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश के पुनः विचार की अपील की है।
इस सम्बन्ध में राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के नेत्तृत्व में घाटोल उपखण्ड मुख्यालय पर आयोजित बैठक में शिक्षा अधिकारीयो ने झालावाड़ जिले के गांव पिपलोदी के प्राथमिक शाला भवन में 9 माह पूर्व भवन गिरने के प्राकृतिक हादसे ओर भारी बारिश में कमजोर छत और डेढ़ वर्ष पूर्व मरम्मत कराने वाली ग्राम पंचायत पिपलोदी को ही जिम्मेदार ठहराया है।
*20 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जारी आदेश की होली जलाने ओर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को चेतावनी ज्ञापन*
लेकिन वास्तविक धरातल पर जांच के नाम पर लीपा पोती करते हुए निरपराध पीओ प्रधानाचार्य को शाला संबलन में
निरीक्षण करने में लापरवाही को ठहरा कर बलि का बकरा बनाया जाकर दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश का विरोध करते हुए 20 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जारी आदेश की होली जलाने ओर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को चेतावनी ज्ञापन देने की सूचना दी है।
*तकनीकी डिग्री ,कौशल ज्ञान के अभाव में पीओ प्रधानाचार्य सेभवन सुरक्षित होने का प्रमाण मांगा जा रहा*
शिक्षा अधिकारीयो ने कहा कि पीओ प्रधानाचार्य को शाला भवन सुरक्षित होने या नहीं होने का तकनीकी डिग्री ,कौशल ज्ञान नहीं होता है इस हेतु विभाग में समसा कार्यालय में तकनीकी अधिकारियों AEN JEN अन्य की टीम कार्यरत होती है जिनका कार्य ही विद्यालय में भवन निर्माण मरम्मत बज़ट जारी कर सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र जारी करना होता है।
उल्लेखनीय हैं कि नवीन भवन निर्माण कार्य पर तकनीकी डिग्री कौशल ज्ञान वाले AEN JEN द्वारा प्रमाण पत्र दिया किस आधार पर जाता है यह सर्व विदित हैं कमीशन खोरी में शिक्षा अधिकारीयो पीओ प्रधानाचार्य की कोई भूमिका नहीं होती हैंतो अब शाला भवन सुरक्षित होने में आगे कर बलि का बकरा बनाया जा रहा हैं।
*शाला संबलन मार्गदर्शन में फ़साने का आरोप*
वक्ताओं ने कहा कि पीओ प्रधानाचार्य केवल शैक्षिक पृष्ठ भूमि के होने के कारण अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित करते है ओर संबलन मार्गदर्शन में बच्चों के शैक्षिक स्तर, कार्मिकों की उपस्थिति , साफ सफ़ाई, मूत्रालय शौचालय की स्थिति, गृह कार्य जांच आदि बिन्दुओं पर ध्यान रखते हुए संबलन मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
*खस्ताहाल स्कूलों पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार पीओ प्रधानाचार्य को नहीं होता*
तकनीकी डिग्री कौशल ज्ञान के अभाव में शाला भवनों की जर्जर खंडहरों खस्ताहाल स्कूलों पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार पीओ प्रधानाचार्य को नहीं होता हैं।
उक्त पिपलोदी स्कूल हादसे में मात्र तीन माह से भी कम ठहराव वाले संस्था प्रधान पीओ प्रधानाचार्य को मात्र इस आधार पर जिम्मेदार ठहराया गया कि उन्होंने अपने अधीनस्थ विद्यालय का निरीक्षण कर शाला संबलन किया था जोकि प्रथम दृष्टा राज़ा का दण्ड फ़कीर को दिए जाने ओर एक वर्ष पहले ग्राम पंचायत पिपलोदी के सदस्यों को बचाने का जीता जागता सबूत है।
*जांच के नाम पर लीपा पोती*
शिक्षा अधिकारीयो ने कहा कि जांच के नाम पर लीपा पोती करते हुए अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत चरितार्थ की गई है।
*अधिकांश सरकारी स्कूलों की हालत खस्ताहाल*
मरम्मत नवनिर्माण हेतु बज़ट आवंटन की मांग
शिक्षा अधिकारीयो ने अपने ही विभाग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजस्थान के अधिकांश सरकारी स्कूलों की हालत खस्ताहाल है जिनकी तकनीकी अधिकारियों AEN JEN अन्य द्वारा जांच कराने मरम्मत,नव निर्माण हेतु बज़ट जारी करने करवाने की जगह दबाव बना कर शिक्षकों,पीओ प्रधानाचार्य से विद्यालय भवन सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा हैं जोकि निन्दनीय और अनुचित है।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश सभा अध्यक्ष ललित आर पाटीदार, जिला मंत्री महिपाल भुता,अरुण कुमार व्यास, बदन लाल डामोर, श्रीपाल जैन, डाया लाल यादव, नानूराम डामोर सहित कई पीओ प्रधानाचार्य शामिल हैं।