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नन्हे विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह, साहस और खेल भावना — अज़ीम प्रेमजी स्कूल, बाड़मेर में स्पोर्ट्स वीक का शुभारंभ

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12 Feb 26
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नन्हे विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह, साहस और खेल भावना — अज़ीम प्रेमजी स्कूल, बाड़मेर में स्पोर्ट्स वीक का शुभारंभ

बाड़मेर। अज़ीम प्रेमजी स्कूल, बाड़मेर में वार्षिक स्पोर्ट्स वीक का उत्साहपूर्ण शुभारंभ फाउंडेशनल स्टेज के नन्हे विद्यार्थियों द्वारा किया गया। पहले ही दिन विद्यालय परिसर ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना से सराबोर दिखाई दिया। डक वॉक रेस, ऑब्स्टेकल रेस और जलेबी रेस जैसी रोचक प्रतियोगिताओं में बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और साहस के साथ भाग लिया।

विद्यालय ने इस अवसर पर स्पष्ट संदेश दिया कि खेल का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि प्रयास करना, लक्ष्य तक पहुँचना और निरंतर आगे बढ़ना है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में धैर्य, संतुलन, समन्वय, आत्मनियंत्रण तथा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित होते हैं।

जलेबी रेस में शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। शिक्षकों ने बच्चों के साथ मिलकर खेलते हुए यह संदेश दिया कि सीखना आनंद से जुड़ा होना चाहिए। इससे विद्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों में आत्मीयता और मजबूत हुई।

स्पोर्ट्स वीक के दौरान बच्चों को खेल भावना (Sportsmanship) के मूल्यों पर भी विशेष रूप से प्रेरित किया गया। विधायक के शारीरिक शिक्षक अक्षय मनहास ने बच्चों को सिखाने का प्रयास किया कि वास्तविक जीत केवल प्रथम स्थान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि—

अपने प्रतिद्वंद्वी (Opponents) का सम्मान करना,

एक-दूसरे का सहयोग और उत्साहवर्धन करना,

नियमों का पालन करना,

जीत को विनम्रता से स्वीकार करना,

और हार को गरिमा, धैर्य एवं सकारात्मकता के साथ लेना है।

बच्चों ने एक-दूसरे के लिए तालियाँ बजाकर, गिरने पर साथियों को उठाकर और अंत तक प्रयास करते हुए सच्ची खेल भावना का परिचय दिया। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि विद्यालय में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग और सम्मान की संस्कृति को भी समान महत्व दिया जाता है।

आगामी दिनों में हाई जंप, कबड्डी और रिले रेस जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी, जो विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और प्रोत्साहित करेंगी।

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के अनुरूप खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ शिक्षा का अभिन्न अंग हैं। ये गतिविधियाँ बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को सुनिश्चित करती हैं। इस दृष्टि से स्पोर्ट्स वीक केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा, सशक्त व्यक्तित्व निर्माण और निरंतर विकास (Growth) की दिशा में विद्यालय का सार्थक प्रयास है।

स्पोर्ट्स वीक के पहले दिन ही फाउंडेशनल स्टेज के विद्यार्थियों ने यह संदेश दे दिया कि इस आयोजन में असली जीत पदकों से कहीं बढ़कर सहभागिता, साहस, सहयोग, सम्मान और आनंद की है।


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