GMCH STORIES

राजस्थान का वार्षिक बजट 2026-27 : विकास, संतुलन और जनकल्याण की भावनाओं से भरा 

( Read 733 Times)

12 Feb 26
Share |
Print This Page

राजस्थान का वार्षिक बजट 2026-27 : विकास, संतुलन और जनकल्याण की भावनाओं से भरा 

हमें आता है दरिया पार करना…!!

गोपेन्द्र नाथ भट्ट 

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को राज्य की उप मुख्यमंत्री और  वित्त मन्त्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट राज्य की आर्थिक दिशा, विकास प्राथमिकताओं और राजनीतिक संकल्पों का प्रतिबिंब माना जा रहा है। यह बजट ऐसे समय में आया है जब राज्य एक ओर बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश और पर्यटन विकास की नई संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर वित्तीय अनुशासन, बढ़ते राजकोषीय दबाव और सामाजिक दायित्वों की चुनौतियों से भी जूझ रहा है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि बजट को केवल घोषणाओं के संदर्भ में नहीं, बल्कि उसके दीर्घकालिक प्रभावों के आधार पर परखा जाए।

 

बजट भाषण में भाषण के दौरान दिया कुमारी ने शेरों शायरियाँ  से अपनी बात रखी और कहा कि हमें आता है दरिया पार करना…!!

 

बजट में आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी पर फोकस किया गया है विशेष कर सड़कों, ग्रामीण संपर्क मार्गों, शहरी परिवहन, रेल परियोजनाओं के सहयोग और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। राजस्थान जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य के लिए कनेक्टिविटी आर्थिक विकास की धुरी है। नए औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक पार्कों और पर्यटन सर्किटों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश सकारात्मक संकेत है। यदि इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से होता है, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है।

 

बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्राथमिकता से रखा गया है । राजस्थान की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बजट में सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण, फसल बीमा और कृषि यंत्रीकरण के लिए प्रावधान किए गए हैं। मरुस्थलीय और अर्धशुष्क क्षेत्रों में जल प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि जल संसाधनों के संरक्षण, माइक्रो इरिगेशन और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा मिलता है, तो किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का भी बजट में विशेष ध्यान रखा है।मानव संसाधन विकास किसी भी राज्य की दीर्घकालिक प्रगति की आधारशिला होता है। बजट में स्कूलों के उन्नयन, डिजिटल शिक्षा, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और जिला अस्पतालों की सुविधाओं में सुधार की घोषणाएं की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी एक स्थायी समस्या रही है। यदि भर्ती प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जाती है, तो यह क्षेत्र वास्तविक सुधार देख सकता है।

 

‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे निवेशक सम्मेलनों के बाद राज्य सरकार पर निवेश को जमीन पर उतारना चाहती है। बजट में उद्योग, निवेश और रोजगार  को बढ़ावा देने की दृष्टि से एमएसएमई, स्टार्टअप, टेक्सटाइल, स्टोन उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने की नीति स्पष्ट दिखाई देती है। विशेष आर्थिक क्षेत्र और कौशल विकास कार्यक्रम रोजगार सृजन में मददगार हो सकते हैं। हालांकि, यह देखना होगा कि घोषित एमओयू वास्तविक निवेश में कितने परिवर्तित होते हैं।

 

बजट में सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

राज्य की राजनीति में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। पेंशन, महिला सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति और कमजोर वर्गों के लिए आवास योजनाओं का विस्तार बजट की प्रमुख विशेषता है। लेकिन इन योजनाओं पर बढ़ता व्यय राजकोषीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सरकार को आय के स्रोत बढ़ाने और व्यर्थ व्यय पर नियंत्रण की रणनीति स्पष्ट करनी होगी।

 

वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय स्थिति

किसी भी बजट की सफलता केवल व्यय बढ़ाने से नहीं, बल्कि संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से तय होती है। यदि राजस्व संग्रह में वृद्धि, कर सुधार और केंद्र से मिलने वाले अनुदानों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाता है, तो राज्य वित्तीय स्थिरता की ओर बढ़ सकता है अन्यथा बढ़ता घाटा भविष्य में विकास योजनाओं पर दबाव डाल सकता है।

 

राजस्थान की पहचान उसके पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी है। बजट में पर्यटन सर्किट, धार्मिक स्थलों के विकास और विरासत संरक्षण के लिए प्रावधान किए गए हैं। इससे स्थानीय रोजगार और विदेशी निवेश दोनों को बढ़ावा मिल सकता है। जोधपुर, जयपुर, उदयपुर जैसे शहरों के साथ-साथ नए गंतव्यों को विकसित करना समय की मांग है।

राजस्थान का बजट 2026-27 संतुलित विकास की दिशा में एक प्रयास प्रतीत होता है, जिसमें आधारभूत संरचना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग सभी को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि किसी भी बजट की असली परीक्षा उसके क्रियान्वयन में होती है। यदि सरकार घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर पाती है और वित्तीय अनुशासन बनाए रखती है, तो यह बजट राज्य को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन की दिशा में आगे ले जा सकता है।

 

राजस्थान के वार्षिक बजट 2026-27 में कई प्रमुख घोषणाएँ की गईं, जो सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत ढांचा, रोजगार, जल, ऊर्जा और युवाओं के सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।

जल आपूर्ति और पेयजल सुरक्षा के अंतर्गत टैप वाटर कनेक्शन: बजट में लगभग ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हर घर तक पाइप्ड पानी की सुविधा पहुंच सके।  सीएम जल जीवन मिशन के अंतर्गत 6,500 से अधिक गाँवों को जोड़ने और लाखों नए कनेक्शनों के लिए काम जारी रहेगा।  

स्वच्छ ऊर्जा और सौर परियोजनाएँ के राहत नए सोलर पार्क: बीकानेर और जैसलमेर में लगभग ₹3,000 करोड़ की लागत से बड़े सौर ऊर्जा पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी।  

रोजगार और स्वरोजगार के अधीन मुख्यमंत्री सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट योजना के तहत ₹10 लाख तक के ब्याज-रहित ऋण और अनुदान प्रदान किए जाएंगे, जिससे लगभग 30,000 युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे।  सड़क विकास के तहत लगभग 42,000 किमी सड़क नेटवर्क का विकास और 250 ‘अटल प्रगति पथ’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण व शहरी कनेक्टिविटी में सुधार होगा।  राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के समान एक राज्य-स्तरीय टेस्टिंग एजेंसी स्थापित की जाएगी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं/ऑनलाइन टेस्ट का संचालन करेगी। कॉलेज छात्रों के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें लगभग 50,000 छात्रों को शामिल किया जाएगा। 1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियाई भाषा में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी।  राज्य में नए टेक्नो हब्स विकसित किए जाएंगे (लगभग ₹30 करोड़ खर्च), जो तकनीकी उद्यमों को बढ़ावा देंगे।  एल कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹20,000 तक की सहायता ई-वाउचर के रूप में मिलेगी। पानी सप्लाई परियोजनाओं के लिए  ₹24,000 करोड़ के कार्य आदेश जारी किए गए हैं, जिनके अंतर्गत अगले वर्ष लाखों नए कनेक्शनों को जोड़ा जाएगा। नए औद्योगिक पार्कों के निर्माण के लिए लगभग ₹350 करोड़ आवंटित किए जाएंगे, और 3,600 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा (जोधपुर-पाली-मारवाड़ उद्योग क्षेत्र में)।  राज्य में इनलैंड कंटेनर डिपो स्थापित कर लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।  राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14 नए अध्याय शुरू किए जाएंगे (जैसे दक्षिण अफ़्रीका और कनाडा में), जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर प्रमोट करेंगे।  लगभग ₹15 करोड़ का प्रावधान  के साथ मिट्टी के कुम्हारों को इलेक्ट्रिक कुम्हार घड़ियाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।  

 

कुल मिला कर -2026-27 वर्ष  का राजस्थान बजट विकासोन्मुख है और विशेष रूप से पेयजल, स्वच्छ ऊर्जा, रोजगार सृजन, सड़क एवं शिक्षा क्षेत्र पर जोर देता है। यह बजट युवाओं, किसानों, ग्रामीण आबादी और स्वरोजगार चाहने वालों के पक्ष में कई सकारात्मक घोषणाएँ प्रस्तुत करता है।  

 

 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट पेश करने के बाद  राजस्थान के वार्षिक बजट 2026-27 पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 

यह बजट विकसित राजस्थान – विजन 2047 पर आधारित बजट है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट “विकसित राजस्थान – विजन 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें एक स्पष्ट एक्शन-प्लान शामिल है जो आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास को गति देगा। बजट युवाओं को रोजगार देने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और नए अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं, इंटर्नशिप/प्रशिक्षण अभियानों, तथा उद्योग-अनुकूल नीतियों से युवाओं को लाभ मिलेगा।  

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में किसान कल्याण, सिंचाई और जल प्रबंधन परियोजनाओं तथा PM किसान सम्मान निधि के राज्य हिस्से के विस्तार जैसे प्रावधान शामिल हैं, ताकि किसानों की आय और कृषि-समर्थन मजबूत हो।  उन्होंने कहा कि बजट में गरीबों, वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक सुरक्षा जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार देने की बात कही गई है जिससे बीमारी, वृद्धावस्था पेंशन आदि में सुधार आए।  

भजनलाल शर्मा ने कहा कि बजट में सड़कों, जल आपूर्ति परियोजनाओं, ग्रामीण संपर्क मार्गों, लॉजिस्टिक पार्कों और अन्य अवसंरचनात्मक सुधारों के लिए बड़े पैमाने पर निधि आवंटित की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक गतिशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि बजट समावेशी रहे जिसमें महिलाओं, सामाजिक अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के लिए अवसरों का निरंतर विस्तार शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत पर आधारित है।  उनका मुख्य तर्क यह था कि बजट केवल खर्च का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि राज्य को विकसित, समृद्ध और संतुलित भविष्य की दिशा में ले जाने वाला रोडमैप है। मुख्यमंत्री ने इसे राजस्थान को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर बताया — जिसमें रोजगार, किसान कल्याण, युवाओं को सशक्त करना, और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार शामिल है।  

 

इधर राजस्थान के बजट 2026-27 पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली और विपक्षी नेताओं ने प्रतिकूल टिप्पणियाँ और आलोचनाएँ की हैं। आर्थिक विशेषज्ञों ने बजट को सन्तुलित और विकास के अनुकूल बताया है। साथ ही भजन लाल सरकार के प्रदेश की इकोनॉमी तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर  तक पहुँचाने में भी मददगार बताया है।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like