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भूपाल नोबल्स व अनंता के शोधकर्ताओं को बड़ी सफलता; "न्यूरो मेडसेफ‑एन" को केंद्र सरकार से कॉपीराइट

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29 May 26
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भूपाल नोबल्स व अनंता के शोधकर्ताओं को बड़ी सफलता; "न्यूरो मेडसेफ‑एन" को केंद्र सरकार से कॉपीराइट

उदयपुर, चिकित्सा सुरक्षा के क्षेत्र में राजस्थान के शोध समुदाय को राष्ट्रीय मान्यता मिली है। भूपाल नोबल्स कॉलेज ऑफ फार्मेसी और अनंता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सम्मिलित प्रयास से विकसित "न्यूरो मेडसेफ‑एन: न्यूरोलॉजी मेडिकेशन सेफ्टी रिस्क असेसमेंट टूल" को भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय द्वारा आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।

यह उपकरण विशेष रूप से न्यूरोलॉजी रोगियों में प्रयुक्त दवाओं से उत्पन्न संभावित प्रतिकूल प्रभावों (एडवर्स ड्रग रिएक्शन्स) और जोखिम का वैज्ञानिक एवं प्रमाण आधारित आकलन करने के लिए तैयार किया गया है। टूल में एविडेंस‑बेस्ड स्कोरिंग, मान्यकरण (वैलिडेशन) डेटा तथा क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन को आधार बनाया गया है, जिसका उद्देश्य अस्पतालों और चिकित्सकीय संस्थानों में दवा सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत बनाना है।

प्रमुख शोधकर्ताओं में भूपाल नोबल्स कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डॉ. ऋषि माहेश्वरी और डॉ. भक्तराज सिंह चौहान तथा अनंता मेडिकल कॉलेज के डॉ. मुकेश गर्ग प्रमुख रहे। परियोजना में विद्यार्थियों — अनमोल पटेल, गौरी दोशी, आरती शर्मा, आस्था जैन, कौशिक तंबोली और मि. अनिल सुरेश मिस्त्री — ने भी सक्रिय योगदान दिया।

 

भूपाल नोबल्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पुष्पेंद्र सिंह नरुका ने इस सफलता की जानकारी देते हुए शोधकर्ताओं व विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि संस्थान तथा उदयपुर जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि "न्यूरो मेडसेफ‑एन" से अलग‑अलग चिकित्सकीय संस्थानों में दवा‑सुरक्षा नीतियों एवं रोगी देखभाल में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

इस उपलाभ के साथ स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर दवा सुरक्षा एवं फार्माकोविजिलांस के क्षेत्र में और अनुसंधान व सहयोग को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। इस उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट डॉ सी एस चौहान, डीन फार्मेसी डॉ वाई ऐस सारंगदेवोत, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ कमल सिंह राठौड़


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