GMCH STORIES

व्यापारी 2.0 का वादा - दाम कम, सम्मान ज़्यादा

( Read 644 Times)

24 Jan 26
Share |
Print This Page
व्यापारी 2.0 का वादा - दाम कम, सम्मान ज़्यादा

उदयपुर। झीलों की नगरी में स्थानीय आत्मसम्मान और रोजगार बचाने की नई लहर उठ पड़ी है। डार्क स्टोर्स और इंस्टेंट डिलीवरी ऐप्स के बढ़ते प्रभुत्व ने न केवल स्थानीय व्यापार पर चोट की है, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की जड़ों को भी हिला कर रख दिया है। इसी खतरे को पहचानते हुए मेवाड़ बचाओ मंच ने एक जनआंदोलन शुरू किया है। बहुचर्चित आंदोलन “उदयपुर का पैसा उदयपुर में” की सफलता के बाद अब दूसरे चरण यानी फेज 2 की घोषणा कर दी गई है। इस पहल का नारा “व्यापारी 2.0 का वादाः दाम कम, सम्मान ज़्यादा” है। पहले चरण में व्यापारियों से सम्पर्क किया गया थी।

मंच के संस्थापक अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि यह चरण सीधा जनता को समर्पित होगा। अब उपभोक्ताओं को जागरूक करने का लक्ष्य है जिसमें उन्हें समझाया जायेगा कि इंस्टेंट डिलीवरी और डार्क स्टोर्स की चमक के पीछे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा असर पड़ रहा है। इन एप्स में छूट या ऑफर के नाम पर कई तरह के हिडन कोस्ट जोड़े जाते हैं जिससे सामान स्थानीय मार्केट की तुलना में महंगा मिलता है। इन एप्स के कारण स्थानीय व्यापारियों के पास ग्राहकों की कमी हो रही है। पांडेय ने बताया कि यह आंदोलन “यह सिर्फ बाजार की लड़ाई नहीं, यह मेवाड़ की आत्मा और स्थानीय रोजगार की रक्षा का अभियान है”।

फेज 2 पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह तीन सूत्रीय एजेंडे पर आगे बढ़ेगा। पहला उदयपुर की जनता को इंस्टेंट स्टोर्स के शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ते नकारात्मक प्रभाव से अवगत कराना, दूसरा डार्क स्टोर्स की भ्रामक विज्ञापन रणनीतियों और हिडन चार्जेज़ का सच उजागर करना और उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करना कि वे स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करें और “इंफॉर्म्ड डिसीजन” लें।

पांडेय ने कहा कि हमें खुशी है कि स्थानीय व्यापारियों ने उदयपुर का पैसा उदयपुर में काफी सपोर्ट किया और बदलाव की नींव रखने में सहयोग किया। पहले चरण में के तहत मंच ने शहर के 10 से अधिक प्रमुख बाजारों में जाकर व्यापारियों को जोड़ा। यूनिवर्सिटी रोड, ठोकर, सुभाष सर्किल, सेक्टर 14, चुंगी नाका, सूरजपोल, मालदास स्ट्रीट, टूटा दरवाजा मार्केट, बोहरा गणेश जी और पहाड़ा जैसे इलाकों में हर व्यापारी ने मंच के तीन मूल सिद्धांत सही दाम, बढ़िया गुणवत्ता और आत्मीय व्यवहार पर आधारित शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। कई व्यापारियों ने ग्राहकों को फ्री डिलीवरी देने की घोषणा भी की थी।

सरंक्षक सुरेन्द्र दोषी और उपाध्यक्ष मयंक जानी ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का ऑन ग्राउंड शेड्यूल भी तय कर लिया गया है। 15 से 20 जनवरी तक शहर में पेम्पलेट वितरण व और व्यापारी संघों से बातचीत व भागीदारी का कार्यक्रम होगा। 25 से 30 जनवरी तक अलग-अलग स्थानों जैसे फतेहसागर, सूरजपोल, कोर्ट चौराहा, कृषिमंडी, यूनिवर्सिटी रोड और उदयापोल पर जनसंपर्क और सुझाव कार्यक्रम चलाए जाएंगे। 1 से 10 फरवरी तक विभिन्न व्यापारी संगठनों के साथ वर्कशॉप का आयोजन होगा तथा फेज का समापन 11 से 14 फरवरी तक अन्य क्रिएटिव आयोजनों के साथ फेज 3 की रूपरेखा की घोषणा के बाद की जाएगी।

मुहिम प्रतिनिधि मनोज घरबाड़ा, सचिव दीपेश शर्मा, उप सचिव चिराग मेघवाल, सीए महेश गुप्ता, निधि गुप्ता और डॉ. शिखा दोषी ने बताया कि इस बार ग्राहकों से “समर्थन पत्र“ भरवाने की योजना भी बनाई गई है, जिसमें उपभोक्ता प्रतिज्ञा करेंगे कि यदि व्यापारी उचित दाम और अच्छे व्यवहार के साथ सामान देंगे, तो वे ऑनलाइन की जगह अपने उदयपुर के व्यापारी को प्राथमिकता देंगे।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like