उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अध्यक्ष श्री मनीष गलूंडिया ने कलेक्टर (स्टाम्प), उदयपुर को पत्र लिखकर स्टाम्प पेपर की बिक्री में की जा रही अतिरिक्त वसूली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
यूसीसीआई के अध्यक्ष श्री मनीष गलूंडिया ने अवगत कराया कि ₹500 के स्टाम्प पेपर की खरीद पर शासन द्वारा ₹50 एवं ₹100 अतिरिक्त शुल्क सहित कुल ₹650 राशि निर्धारित की गई है, जो कि राजस्व के रूप में सरकार को प्राप्त होती है। किंतु वास्तविकता में स्टाम्प विक्रेताओं द्वारा आमजन एवं व्यापारियों से ₹715 या उससे अधिक राशि वसूल की जा रही है। इसी प्रकार ₹100 एवं अन्य मूल्य वर्ग के स्टाम्प पेपर पर भी निर्धारित राशि से अधिक वसूली की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
श्री गलूंडिया ने कहा कि यह स्थिति व्यापारिक वर्ग एवं आम नागरिकों के लिए अनावश्यक आर्थिक बोझ उत्पन्न कर रही है तथा पारदर्शिता के सिद्धांत के विरुद्ध है। यूसीसीआई ने प्रशासन से इस विषय की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
यूसीसीआई द्वारा दिए गए सुझाव निम्नानुसार हैं -
यदि स्टाम्प विक्रेताओं को किसी प्रकार का कमीशन देय है तो वह सरकार द्वारा निर्धारित अतिरिक्त शुल्क में से ही प्रदान किया जाए, क्योंकि अतिरिक्त राशि स्वयं सरकारी राजस्व है।
अधिकृत रूप से विक्रेताओं को निर्धारित 30 प्रतिशत तक ही सेवा शुल्क लेने का प्रावधान है, जबकि व्यवहार में 50 प्रतिशत तक वसूली की जा रही है। इस पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
यदि कोई अतिरिक्त शुल्क देय है तो उसकी स्पष्ट दरें प्रत्येक स्टाम्प विक्रेता अपने विक्रय केंद्र पर बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
यूसीसीआई ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की है कि इस विषय में शीघ्र संज्ञान लेकर आमजन एवं व्यापारिक वर्ग को राहत प्रदान की जाएगी तथा स्टाम्प बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं नियमन सुनिश्चित किया जाएगा।