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कला, संस्कृति और वैश्विक एकता के साथ दुनिया भर के विशेष दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति देखकर अचंभित रह गए दर्शक

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08 Jan 26
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कला, संस्कृति और वैश्विक एकता के साथ दुनिया भर के विशेष दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति देखकर अचंभित रह गए दर्शक

उदयपुर। कला, संस्कृति और वैश्विक एकता की भावना को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए हर आर्ट ग्लोबल फाउंडेशन एव सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026 के समापन समारोह में विशेष दिव्यांग बच्चों ने एक से बढकर प्रस्तुति देकर दर्शकों को हैरत में डाल दिया। नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और भारत के युवा कलाकारों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरी दुनिया को एक धागे में पिरो दिया। 5 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन ने उदयपुर को वैश्विक संवाद, सांस्कृतिक विविधता और समावेशिता का जीवंत केंद्र बना दिया।
समापन कार्यक्रम विशेष रूप से बौद्धिक विमर्श और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के नाम रहा। इस दिन आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशन (एमयूएन) सत्र में विभिन्न देशों से आए युवा प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर और परिपक्व चर्चा की। महिला अधिकार, मानवाधिकार, मीडिया की स्वतंत्रता, वैश्विक शांति और सतत विकास जैसे विषयों पर प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक कार्यप्रणाली का अनुकरण करते हुए प्रस्ताव रखे और समाधान सुझाए। इस सत्र ने युवाओं की नेतृत्व क्षमता, तर्कशील सोच और वैश्विक दृष्टिकोण को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया।
रिदम-ए-रास नृत्य प्रतियोगिता’ में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने सराहनीय प्रस्तुतियां दीं। नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और भारत के युवा कलाकारों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक पहचान को मंच पर जीवंत किया। पारंपरिक लोक नृत्य, शास्त्रीय लय और समकालीन अभिव्यक्तियों का यह संगम दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। इस प्रतियोगिता का निर्णायक दायित्व आयरलैंड से आईं सुश्री एलिज़ाबेथ वैगस्टाफ ने निभाया। विभिन्न देशों की प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि संस्कृति भले ही अलग हो, पर भावनाएं और मानवीय जुड़ाव सार्वभौमिक हैं।
कार्यक्रम की गरिमा उस समय और अधिक बढ़ गई जब मंच पर प्रस्तुत हुआ विशेष नृत्य प्रदर्शन वी आर वन। यह प्रस्तुति वी आर वन डांस टीम द्वारा दी गई, जो अपनी समावेशी कला के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती है। यह समूह विभिन्न शारीरिक क्षमताओं वाले कलाकारों को एक मंच पर लाकर यह संदेश देता है कि कला किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। सशक्त भाव-भंगिमाओं, तालमेल और संवेदनशील अभिव्यक्ति के माध्यम से इस प्रदर्शन ने समानता, आत्मबल और एकता का गहरा संदेश दिया, जो सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
समापन समारोह’ में सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर व समाजसेवी हरीश राजानी का इस कार्यक्रम में दिए गए सहयोग के लिए विशेष सम्मान किया गया। राजानी ने कहा कि वे इस तरह का बेहतर आयोजन हर साल उदयपुर में करना चाहेंगे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर थे तथा सम्मानित अतिथि के रुप में राकेश बजाज, तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी व भाजपा नेता श्रीमती सुषमा कुमावत थी। डॉ. रचना करणपुरिया, डॉ. विद्या वर्मा एम्बलीपितिया प्रेसिडेन्टस सेन्टल और सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, रोहिणी दिल्ली के प्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी अतिथियों ने युवाओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
आयोजक सुश्री ललिता स्वामी सहित संपूर्ण टीम ने बताया कि वन वर्ल्ड इंटरनेशन 2026’ का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां नहीं, बल्कि युवाओं में वैश्विक सह-अस्तित्व, सम्मान और समावेशी सोच को विकसित करना है। यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण का स्रोत बना।
वन वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026’ ने निरंतर यह संदेश दिया कि ’वसुधैव कुटुम्बकम्’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में उतारी जाने वाली वैश्विक जिम्मेदारी है। उदयपुर से उठती यह आवाज़ आज दुनिया को एकता, करुणा, प्रेरणा और सामूहिक भविष्य की ओर आमंत्रित कर रही है।
 


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