GMCH STORIES

राजस्थान सरकार अपने राजवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए विधानसभा में बनायेगी कानून 

( Read 654 Times)

06 Feb 26
Share |
Print This Page
राजस्थान सरकार अपने राजवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए विधानसभा में बनायेगी कानून 

पश्चिमी राजस्थान में बड़ी संख्या में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं के आने के कारण राजस्थान के राजवृक्ष खेजड़ी वृक्ष को हो रही क्षति और उसे बचाने की मांग को लेकर चल रहे जन आंदोलन और राज्य विधानसभा में पक्ष-प्रतिपक्ष के सदस्यों द्वारा राजस्थान सरकार से की गई गुहार के बीच राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की है कि राज्य सरकार राजस्थान के राजवृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए विधानसभा में एक विशेष विधेयक लाकर कानून बनाएगी। 


मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान का कल्पवृक्ष और राजस्थान की पहचान भी है, जिसकी बढते हुए रेगिस्तान को रोकने में हमेशा सार्थक भूमिका रही है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को संजोने का कार्य कर रही है। हम राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए कानून लाएंगे, जिससे प्रदेश में खेजड़ी वृक्ष संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने राज्य में वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया है और केवल दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए है। हमने लक्ष्य तय किया है कि पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे पूरे राजस्थान में लगाएंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि खेजड़ी वृक्ष को लेकर उनकी सरकार संवेदनशील है और उत्पन्न जन चिंताओं के संदर्भ में उनकी बीकानेर से आए साधु संतों के शिष्टमंडल से भी मुलाकात और वार्ता हुई है। राजवृक्ष खेजड़ी की पृष्ठभूमि और इतिहास को देखते हुए तथा जन संवेदनाओं को ध्यान में रख उनकी सरकार ने खेजड़ी को बचाने के लिए विधानसभा में एक बिल लाने का विचार किया है,जिसका मसौदा तैयार किया जा रहा है। इस बिल को विधानसभा में पास करवा उसे कानून का रूप दिया जाएगा ताकि कल्पवृक्ष माने जाने वाले राजवृक्ष खेजड़ी का जन भावनाओं के अनुरूप संरक्षण हो सके। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राज्य विधानसभा के सदन में की गई इस घोषणा का पक्ष एवं प्रतिपक्ष और निर्दलीय विधायकों ने मेजे थपथपाकर गर्म जोशी से स्वागत किया।

इससे पहले गुरुवार को अपरान्ह विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली को बोलने का निमंत्रण दिया तथा जूली के वक्तव्य के पूर्ण होने पर सदन के नेता और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अपना वक्तव्य रखने के लिए आमंत्रित किया। विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गर्माहट भरे सदन मे राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कराया और विधानसभा की कार्यवाही को 11फरवरी 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा की। विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को सदन को बहुत अनुशासित ढंग से संचालित किया तथा नेता प्रतिपक्ष और सदन के नेता मुख्यमंत्री के वक्तव्यों के मध्य दोनों पक्षों के सदस्यों को किसी प्रकार की टोकाटोकी और व्यवधान नहीं करने के लिए सख्ती के साथ पाबंद किया। साथ ही बीच-बीच में आसन की व्यवस्थाओं को भी जाहिर किया।

ना पक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा उनके वक्तव्य में लगाए आरोप-प्रत्यारोपों पर तीखा प्रहार करते हुए ट्रेज़री बेंच से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को तल्ख अंदाज में दिखें। उन्होंने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का आक्रामक ढंग से जवाब देते हुए पहली बार अपनी सरकार की दो साल की उपलब्धियों का दस्तावेज पटल पर रखा और प्रतिपक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले दो साल में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच साल से अधिक कार्य किए है। साथ ही इस पर विधानसभा में एक विशेष चर्चा की पेशकश भी कर दी तथा विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी से आग्रह किया कि वे कोई तिथि निर्धारित कर इस विषय पर विधानसभा में बहस कराए। विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा निर्धारित तिथि पर ऐसा कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल ने अपने धारदार वक्तव्य में सड़क, बिजली, पानी, कृषि, महिला, युवा कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में वर्तमान सरकार द्वारा पिछले दो साल के कार्यकाल में किए गए कार्यों का तुलनात्मक ब्यौरा सदन के सामने रखा और कहा कि राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को न केवल स्थिरता दी है, बल्कि उसे गति और दिशा भी दी है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार द्वारा दो वर्षों में ही प्रदेश के राजस्व घाटे में 8 हजार करोड़ की कमी लाई गई है। लोकसभा में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रखे गए 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में भी राज्य सरकार के वित्तीय प्रबन्धन की प्रशंसा की गई है तथा हमारी सरकार के आर्थिक प्रबंधन, सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों, बेस्ट प्रैक्टिसेज और प्रशासनिक सुधारों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो सालों के कार्यकाल में हमारा प्रदेश 11 जनकल्याणकारी योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसी प्रकार प्रदेश 5 राष्ट्रीय योजनाओं में दूसरे स्थान पर और 9 राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तीसरे स्थान के साथ ही राज्य ने दो प्रमुख आयामों में बेस्ट परफॉर्मर स्टेट का सम्मान भी हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी डबल इंजन सरकार में राजस्थान को केन्द्र सरकार से 19 हजार करोड़ से अधिक की पूंजीगत निवेश सहायता के रूप में प्राप्त हुई है। प्रदेश को इस वित्तीय वर्ष में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 90 हजार 445 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि पिछले वर्ष से करीब 6 हजार 505 करोड़ रुपये अधिक है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ और सबका विकास के मूलमंत्र पर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं और पानी को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना आदि पर गंभीरता से कार्य कर रही है। यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में है। साथ ही उन्होंने माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखने तथा भारत की यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ ट्रेड डील्स के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस ट्रेड डील से राजस्थान की ज्वेलरी,हस्तशिल्प,स्टोन आदि उद्योगों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईआरसीपी पुनर्संशोधित पीकेसी रामजल सेतु परियोजना के महत्वपूर्ण घटक नवनेरा बैराज एवं ईसरदा बांध में जल संग्रहण प्रारंभ हो चुका है। साथ ही, बंध बारैठा (भरतपुर) तथा ब्राह्मणी बैराज (चित्तौडगढ) के लिए 14 हजार 676 करोड रुपये के सहमति पत्र भी जारी किये जा चुके हैं। इस परियोजना में अब तक 26 हजार करोड़ के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शेखावाटी अंचल में पानी पहुंचाने यमुना जल समझौते की डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में है। पाइपलाइन अलाइन्मेंट का सर्वे पूरा कर प्रस्तावित अलाइनमेंट का फील्ड वैरिफिकेशन भी किया जा चुका है। वहीं, हमने बीकानेर की गंगनहर प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 1 हजार 717 करोड़ रूपये की सौगात दी है तथा इंदिरा गांधी नहर के विकास कार्यों के लिए 4 हजार 731 करोड़ के काम भी शुरू किये हैं।
जल जीवन मिशन में 14 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए है। हमारी सरकार ने किसान सम्मान निधि को दो वर्ष में डेढ़ गुना किया है और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन भी जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने 34 नई नीतियां जारी कर प्रदेश में औद्योगिक युग का सूत्रपात किया है ।
हमने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट का आयोजन कर यहां औद्योगिक क्रांति के नए युग का सूत्रपात किया। इसके तहत किए गए 35 लाख करोड़ रूपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हम आगामी तीन वर्षों में विकास की गति को और रफ्तार देकर राजस्थान को देश में अग्रणी राज्य बनाएंगे और प्रदेश के जवान, किसान और महिला को आगे बढ़ाकर उन्हें सम्मान दिलाएंगे। अपनी पार्टी भाजपा के संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप हमारी सरकार प्रत्येक वर्ष किए गए नीतिगत निर्णय और विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच में लेकर जाएगी।

मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने भाषण के बंसी वाले की कृपा से इस वर्ष प्रदेश में हुई भरपूर बारिश का जिक्र भी किया और बताया कि लूणी जैसी कई नदियों में 35 वर्षों बाद पानी और उफान आया है। उन्होंने कहा कि बंसी वाले की ही मेहरबानी से मावठ की वर्षा भी अच्छी फसल के शुभ संकेत दे रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की अन्य उपलब्धियों,युवा रोजगार,कृषक कल्याण और प्रदेश की कानून व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश आदि पर डेढ़ घंटा धाराप्रवाह अपना वक्तव्य दिया। अब 11 फरवरी को जब विधानसभा फिर से जुटेगी तब प्रदेश की उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दियाकुमारी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। देखना होगा भजन लाल सरकार के इस तीसरे बजट में दियाकुमारी के टेबलेट से कौन कौन से तौहफे प्रदेशवासियों को मिलने वाले है?
 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like