उदयपुर। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ने सभी राज्यों, संघ राज्यक्षेत्र की एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) सोसायटियों को ईएमआरएस छात्रों की सिकल सेल रोग के लिए 100 प्रतिशत जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह जांच जिला प्रशासन अथवा जिला कलेक्टरों के समन्वय से और जिला स्तर पर मौजूद सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाते हुए की जाएगी।
सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के जवाब में जनजातीय कार्य राजय मंत्री दुर्गादास उड़के की ओर से यह जानकारी दी गई।
सांसद डॉ रावत ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में भर्ती किए गए शिक्षकों की कुल संख्या, महिला शिक्षकों की कुल संख्या, सेवा शर्तों का निर्धारण करने वाली संस्था प्राधिकरण का ब्यौरा, शिक्षा बोर्ड का ब्यौरा, विद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम और सह-पाठ्यक्रम, विद्यालयों में छात्रों को योग की शिक्षा तथा इन विद्यालयों में सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच परीक्षण की प्रणाली आदि को लेकर संसद में प्रश्न किए थे।
इनके जवाब में जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उड़के ने बताया कि एनईएसटीएस ने ईएमआरएस छात्रों की सिकल सेल रोग के लिए 100 प्रतिशत जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह जांच जिला प्रशासन द्वारा जिला कलेक्टरों के समन्वय से और जिला स्तर पर मौजूद सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाते हुए की जाएगी। यह जांच राज्यों, संघ राज्यक्षेत्र सरकारों और जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से की जाती है। इसका उद्देश्य जहां भी आवश्यक हो, शीघ्र पहचान और समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
जवाब में जानकारी दी गई ईएसएसई-2023 के माध्यम से कुल 7083 शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की गई, जिनमें से 2765 महिला शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की गई है। राजस्थान में अलवर, बांसवाडा, बारां, डूंगरपुर, जयपुर, करौली, प्रतापगढ, सवाई माधोपुर, सिरोही, टौंक व उदयपुर में कुल 367 महिला कर्मचारियों की भर्ती की गई। केवल उदयपुर में ही 95 महिला कर्मियों की भर्ती हुई। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए सेवा शर्ते राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) के शासी निकाय द्वारा निर्धारित की जाती हैं। 499 कार्यरत ईएमआरएस में से 458 ईएमआरएस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध हैं। शेष विद्यालय विशेष रूप से बिहार, नागालैंड, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में संबंधित राज्य बोडौँ से संबद्ध हैं।