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25 वर्षो में पावापुरी में 90 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

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05 Feb 26
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25 वर्षो में पावापुरी में 90 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

सिरोही। श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम ट्रस्ट मंडल की वार्षि बैठक ट्रस्ट के चेयरमेन किशोर एच. संघवी की अध्यक्षता एवं उधमी श्री सुनील कोठारी एवं प्रमोद दुग्गड के मुख्य आतिथ्य मे सम्पन्न हुई। ट्रस्ट ने इस वर्ष तीर्थधाम में तीन दिवसीय रजत महोत्सव आयोजित किया गया ओर 25 वर्ष में किए गए कार्यो का मूल्याकंन किया। पावापुरी तीर्थधाम के 25 वर्ष पर एक लघु फिल्म का भी लोकार्पण इस अवसर पर किया गया। बैठक में दोनांे मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर भगवान शंखेश्वर पाश्र्वनाथ की तस्वीर पर माला अर्पण कर बैठक का शुम्भारंभ किया। मेनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुऐ बताया कि 25 वर्षो में इस धाम में कुल 89 लाख 78 हजार 522 दर्शनार्थी आये जिसमें से 27 लाख 30 हजार 438 लोगो ने धाम में रात्रि विश्राम किया। धाम में संचालित गौशाला में पिछले 27 वर्षो से 5 हजार से अधिक गौवंश का लालन पालन किया जा रहा हैं। धाम की ओर से सामाजिक सरोकार के तहत 25 वर्षो में अनेक कार्य किए गए जिनमें सिरोही में लाॅ काॅलेज भवन, रेवदर में डिग्री काॅलेज भवन एवं मालगांव में हायर सैकण्डरी स्कुल भवन निर्माण उल्लेखनीय हैं।

धाम में 25 वर्ष से श्रदालुओं का औसत आगमन 987 प्रतिदिन है जो यह बताता है कि इस धाम से देश भर के श्रदालुओं में गहरी आस्था हैं यहां का वातावरण साफ सफाई एवं प्रबन्धन आज भी एक ’’ माॅडल स्टोन ’’ हैं।

ट्रस्ट के ट्रस्टियों रमेश जगानी एवं अशोक एस. चैहान सहित सभी ट्रस्टीयों ने कहा कि उन्हे इस बात का गर्व है कि हम पावापुरी धाम के ट्रस्टी हैं ओर यह धाम पुरे देश में एक विशेष रूप से याद किया जाता हैं क्योंकि यहा का प्रबन्धन अपने आप में सिखने योग्य हैं।

जयपुर से पधारे मुख्य अतिथि सुनील कोठारी ने कहा कि पिछले 27 वर्षो से जिस तरह यहां 5 हजार से अधिक गौवंश की सेवा-श्रुसेवा की जा रही हैं उसको देखकर मन प्रसन्न हो जाता हैं। कोलकाता से पधारे मुख्य अतिथि उधमी प्रमोद दुग्गड ने कहा कि 25 वर्षो से यह धाम संचालित हो रहा हैं लेकिन आज भी ऐसा लग रहा है कि जैसे अभी अभी यह धाम बना हों। उन्होने रजत महोत्सव पर शुभकामनाएं देते हुऐ के पी संघवी परिवार का ह्रदय से आभार व्यक्त करते हुऐ कहा कि संघवी परिवार का केवल धन से ही नही तन व मन से जो समर्पण हैं जो अनुकरणीय हैं।

इस तीर्थधाम में आज के पी संघवी परिवार की तीसरी पीढी के पांचवे सदस्य सानुज भाई संघवी ने ट्रस्ट की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले नितिन भाई के सुपुत्र जय भाई, अमरिश भाई के सुपुत्र आदेश भाई, समीर भाई के सुपुत्र शनय भाई, अरविन्द भाई के सुपुत्र आशय भाई, इस तीर्थ धाम से जुडे। संघवी परिवार के जो भी युवा 18 वर्ष के होते हैं तब धाम से जुड जाते हैं ओर उन्हे तीर्थधाम की व्यवस्थाओं मंे भाग लेना होता हैं। संघवी परिवार के प्रत्येक ट्रस्टी को वर्ष में 6 बार धाम में आकर देखरेख करना अनिवार्य हैं।

अमूल्य धरोहर को सजाने सवारने मे कोई कमी नही रखेगें: जय नितिन संघवी

युवा ट्रस्टी जय एन संघवी ने बैठक मे कहा कि तीर्थ संस्थापको ने जिस तरह 25 वर्ष पर रजत महोत्सव बनाया हमारी युवा टीम अब गोल्डन जुबली मनाने की कार्य योजना बनायेगी ओर इस अमूल्य धरोहर को सजाने सवारने का कार्य करने मे हम कोई कमी नही रखेगें।

ट्रस्टी के चयेरमेन किशोर एच. संघवी ने रजज महोत्सव मे मिले अपार सहयोग-सहकार के लिए आभार व्यक्त करते हुऐ कहा कि हमने यह महोत्सव लीक से हटकर आयोजित किया ओर इस अवसर पर देश-विदेश से आमंत्रित मेहमानो ने भाग लेकर इसमें चार चांद लगायें। उन्होने महोत्सव में उपधान तप, विहार सेवको के सम्मेलन दो दीक्षाएं, समाधि-मंदिर प्रतिष्ठा के आयोजन के लिए आचार्य भाग्येशसूरीजी, विश्वरत्नसूरीजी, उदयवल्लभसुरीजी, एवं ह्रदयवल्लभसूरीजी की एवं अनेको साधु-साध्वीज भगवंतो की मिली निश्रा के लिए उनका एवं समस्त श्री संघो का आभार व्यक्त किया।


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