इस फ़ेस्टिवल में स्पेन, अफ़्रीका, यूरोप और अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की विविध लाइनअप है
उदयपुर : दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए, झीलों के शहर उदयपुर में इस शुक्रवार से ‘वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल’ में सुरों की महफ़िल सजने जा रही है। 6 से 8 फ़रवरी तक चलने वाले इस शानदार फ़ेस्टिवल में देश‑विदेश से आए कलाकार अपनी कला और हुनर से शहर को संगीत की धुनों में रंग देंगे। ‘म्यूज़िक विदाउट बॉर्डर्स’ के 10 साल पूरे होने के मौक़े पर, यह फ़ेस्टिवल एक बार फिर उदयपुर को दुनिया भर के संगीत, संस्कृति और कला के संगम में बदलने जा रहा है।
फ़ेस्टिवल के शुरू होने से पहले, बुधवार को इसका ऑफ़िशियल पोस्टर जारी किया गया। इसमें ‘वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल के 10 साल के सफ़र को बेहद ख़ूबसूरती से दिखाया गया है। हर साल की तरह इस बार भी ‘हिंदुस्तान ज़िंक’ इस फ़ेस्टिवल को सपोर्ट कर रहा है, वहीं ‘सहर’ ने इसकी रूपरेखा तैयार की है और इसे प्रोड्यूस भी किया है। इसमें राजस्थान पर्यटन विभाग का भी योगदान अहम है। आज यह फ़ेस्टिवल भारत का सबसे अलग और ख़ास म्यूज़िक इवेंट्स डेस्टिनेशन बन चुका है.
फ़ेस्टिवल के इस एडिशन में, भारतीय संगीत जगत के मशहूर कलाकारों के साथ‑साथ 11 से अधिक देशों से आए अंतरराष्ट्रीय कलाकार भी शामिल होंगे। इनमें से कई कलाकार भारत में पहली बार परफ़ॉर्म करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 20 से ज़्यादा बैंड और 150 से अधिक कलाकार मंच पर उतरकर अपना जादू बिखेरने के लिए तैयार हैं। संगीत प्रेमियों को इस साल, फ़ेस्टिवल में फ़ोक, फ्यूज़न, कंटेम्पररी और एक्सपेरिमेंटल म्यूज़िक सुनने को मिलेगा। इनमें कैलाश खेर और कैलासा लाइव, अमित त्रिवेदी, जोनिता गांधी, ताबा चाके, अमृत रामनाथ, इंडियन ओशन और ओएएफ़एफ़ वग़ैरह की परफ़ॉर्मेंस पर सबकी नज़र रहेगी साथ ही, स्पेन, अफ़्रीका, यूरोप और कई दूसरे देशों से आए इंटरनेशनल आर्टिस्ट भी अपनी बीट्स और धुनों से ऑडियंस को झूमने पर मजबूर कर देंगे।
पिछले 10 सालों में ‘वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल’ का हिस्सा बने देश‑विदेश के लोगों ने यहां की झीलों, घाटों और ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास संगीत का ऐसा अनुभव किया है कि उनका भारत की संस्कृति से गहरा रिश्ता जुड़ गया है। यही वजह है कि ये जगहें सिर्फ़ आम लोकेशन नहीं रह जातीं, बल्कि ऐसे कल्चरल वेन्यू में बदल जाती हैं जहाँ हर परफ़ॉर्मेंस कलाकारों और ऑडियंस दोनों के लिए यादगार बन जाती है।
वहीं इस आलीशान फ़ेस्टिवल के बारे में ‘सहर’ के फ़ाउंडर संजीव भार्गव का कहना है,
“जब हम सोचते हैं कि इस साल यह फ़ेस्टिवल अपने 10वें साल में कदम रख रहा है, तो दिमाग़ में अपने-आप ये ख़याल आता है कि अब इसके आगे क्या है, कैसे हम अलग -अलग और यूनिक तरह का म्यूज़िक भारत तक लाते रहें। कलाकारों और ऑडियंस दोनों को और अच्छा और कमाल का अनुभव मिलता रहे। इस फेस्टिवल की असली ख़ूबसूरती हमेशा से यही रही है कि इस दौरान उदयपुर और उसकी जगहें ख़ुद संगीत का हिस्सा बन जाती हैं। इस एडिशन की सबसे ख़ास बात यही है कि हम फिर से ऐसे मोमेंट्स क्रिएट करेंगे जिन्हें कहीं और दोहराया नहीं जा सकता।”
हिंदुस्तान ज़िंक भारतीय संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। संगीत की एकता की शक्ति को अपनाते हुए, कंपनी ने वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल, सृजन - द स्पार्क (भारत की वैश्विक कलात्मक पहचान को दिखाने के लिए) और स्मृतियाँ (तबला के दिग्गज, ऑस्कर नामांकित और BAFTA विजेता स्वर्गीय पंडित चतुरलाल को सम्मानित करने के लिए) जैसे अनूठे कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। संगीत से आगे बढ़ते हुए, कंपनी सामाजिक चुनौतियों पर भी काम कर रही है। वेदांता ज़िंक सिटी हाफ मैराथन (जिसे प्यार से भारत की सबसे ख़ूबसूरत मैराथन कहा जाता है) ग्रामीण कुपोषण जैसी समस्याओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाती है। यह मैराथन फ़तेहसागर झील के सुंदर किनारों और उदयपुर के ख़ूबसूरत रास्तों से होकर गुज़रते हुए भूख के ख़िलाफ़ लड़ाई का संदेश देती है।
इस फ़ेस्टिवल से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उदयपुर एक बार फिर देश और दुनिया के कलाकारों, मेहमानों, और संगीत प्रेमियों का दिल से स्वागत करने के लिए तैयार है। इस बार ‘वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फेस्टिवल’ में हम सब साथ मिलकर इसके 10 साल पूरे होने का जश्न मनाएँगे, जहाँ आपको दुनिया का बेहतरीन संगीत और संस्कृतियों का संगम दिखेगा। यही नहीं, संगीत के ऐसे लाइव एक्सपीरियंस भी मिलेंगे जिन्हें आप ताउम्र भूल नहीं पाएँगे।