मुंबई : मुंबई के प्रतिष्ठित कफ परेड (कोलाबा) क्षेत्र में स्थित झूलेलाल मंदिर परिसर में सहस्त्रिका क्लब ने गणगौर पूजा का एक भव्य एवं हृदयस्पर्शी आयोजन किया। मारवाड़ी समाज (राजस्थान मूल) की महिलाओं द्वारा पूरे उत्साह एवं भक्ति भाव से मनाया गया यह कार्यक्रम संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में श्री गणगौर (गौरी-ईश्वर) की मूर्तियों को फूलों, मालाओं एवं पारंपरिक सज्जा से सुशोभित किया गया था। लाल, पीले एवं नारंगी रंगों से सजे आकर्षक बैकड्रॉप पर “सहस्त्रिका क्लब” का बैनर प्रमुखता से प्रदर्शित था, जिसमें स्वस्तिक चिन्ह एवं सुनहरे अक्षरों में क्लब का नाम अंकित था।
पूजा में शामिल महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी हुई थीं—कई ने भव्य साड़ियां, लहंगे-चोली धारण किए, जबकि अन्य ने लाल, पीली, हरी एवं भगवा रंग की साड़ियों में श्रद्धा व्यक्त की। कुछ महिलाएं हाथ जोड़कर प्रार्थना में लीन थीं, कुछ पूजा पाठ या भजन ग्रंथों का पाठ कर रही थीं, तथा छोटी बच्चियां भी उत्साहपूर्वक भाग ले रही थीं, जिससे पूरा वातावरण भक्ति एवं आनंद से ओतप्रोत हो उठा।
गणगौर पूजा राजस्थान की प्रमुख लोक परंपराओं में से एक है, जो चैत्र मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव एवं माता पार्वती (गौरी) की आराधना का प्रतीक है। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, सुखी वैवाहिक जीवन एवं पारिवारिक समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं उत्तम वर की प्राप्ति हेतु व्रत रखती हैं। होली के पश्चात् आरंभ होकर चैत्र नवरात्रि के दौरान यह उत्सव चरम पर पहुंचता है। मुंबई में मारवाड़ी समुदाय द्वारा इसे बड़े स्तर पर मनाया जाता है, और सहस्त्रिका क्लब जैसे संगठन नियमित रूप से ऐसे सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजन कर समुदाय को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।
इस अवसर पर महिलाओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना की, भजन-कीर्तन किए, प्रसाद वितरण किया तथा सभी पारंपरिक रीतियों का विधिवत् पालन किया। क्लब के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का है, अपितु महिलाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी परंपराओं को जीवंत रखते हुए सामाजिक बंधनों को मजबूत कर सकती हैं।
सहस्त्रिका क्लब मुंबई के मारवाड़ी समाज की महिलाओं का एक सक्रिय एवं समर्पित संगठन है, जो माता की चौकी, रामनवमी, गणगौर एवं अन्य त्योहारों का नियमित आयोजन करता आ रहा है। यह कार्यक्रम झूलेलाल मंदिर परिसर में आयोजित होकर समुदाय की महिलाओं एवं बालिकाओं को एक साथ लाने का सुंदर माध्यम बना।
मुंबई जैसे महानगर में भी ऐसे आयोजन अपनी सांस्कृतिक जड़ों को जीवित रखने एवं नई पीढ़ी को परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सहस्त्रिका क्लब के इस भव्य आयोजन के लिए हम हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं!