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कलियुग के दोषों से मुक्ति का उपाय है सदाचार -पण्डित जितेन्द्र मोहन भट्ट

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14 Jun 26
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कलियुग के दोषों से मुक्ति का उपाय है सदाचार -पण्डित जितेन्द्र मोहन भट्ट

उदयपुर। उदयपुर के सुप्रसिद्ध जगदीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के तहत चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अन्तिम चरण में व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए पण्डित जितेन्द्र मोहन भट्ट ने कहा कि कलियुग के दोषों से मुक्ति का एक मात्र उपाय सदाचार और भगवान की भक्ति है। कलियुग में मनुष्य लोभ, मोह, क्रोध, अहंकार, असत्य, छल-कपट तथा धर्म से विमुखता जैसे अनेक दोषों से घिर जाता है। ऐसे समय में भगवान के नाम का स्मरण, सत्संग, भागवत श्रवण और सदाचार ही कलियुग के प्रमुख दोषों का निवारण करने वाले साधन हैं  I 

धार्मिक प्रवचन में पण्डित भट्ट ने कहा कि मृत्यु जीवन का सत्य है, किंतु ईश्वर भक्ति, ज्ञान और सत्कर्मों के माध्यम से मनुष्य भय, चिंता और मोह से मुक्त होकर अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। राजा परीक्षित के प्रसंग का उल्लेख करते हुए पण्डित भट्ट ने कहा कि जब उन्हें  सात दिन में तक्षक नामक नाग के दंश से मृत्यु का श्राप मिला तो महर्षि शुकदेव द्वारा सुनाई गई श्रीमद्भागवत कथा ने उनके मृत्यु-भय को दूर कर दिया। कथा श्रवण से राजा परीक्षित ने आत्मा की अमरता का ज्ञान प्राप्त किया और परम शांति को प्राप्त हुए।

इससे पहले पण्डित भट्ट ने भक्त श्रोताओं को श्रीमद् भागवत के एकादश स्कन्ध में वर्णित भगवान कृष्ण और विदुर के ज्ञान भरे संवाद को सुनाया। अधिक मास के चरमोत्कर्ष के साथ ही जगदीश मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा और नित नई मनोहारी झांकियों के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है ।


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