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जल संरक्षण के नवाचारों से रूबरू हुए मीडिया प्रतिनिधि, ग्रामीण बदलाव की देखी तस्वीर

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03 Jun 26
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जल संरक्षण के नवाचारों से रूबरू हुए मीडिया प्रतिनिधि, ग्रामीण बदलाव की देखी तस्वीर

            जैसलमेर/पोकरण। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण एवं जन अभियान-2026” के तहत सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग तथा जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष फील्ड भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान पत्रकारों ने पोकरण क्षेत्र में संचालित जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन से जुड़े नवाचारों और विकास कार्यों का अवलोकन कर उनके सकारात्मक प्रभावों को नजदीक से देखा।

         भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में निर्मित टांकों, फार्म पॉण्डों तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निरीक्षण किया और वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर जाना कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी है तथा कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों को नया संबल मिला है।

       इस अवसर पर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत चयनित लाभार्थियों के विकास कार्यों का अवलोकन कराया गया। मीडिया प्रतिनिधियों ने देखा कि टांका निर्माण एवं फार्म पॉण्ड विकास कार्यों के कारण क्षेत्र में जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इन सफल प्रयासों का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी किया गया।

        ग्रामीणों ने बताया कि जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से पशुधन के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है एवं वर्षाजल के बेहतर संचयन से भू-जल स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने राज्य सरकार की पहल को जनहितकारी बताते हुए इसकी सराहना की।

        भ्रमण के दौरान ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अरूण पटेल, अधिशाषी अभियंता श्रीकांत, सहायक अभियंता विजय मीणा, कनिष्ठ अभियंता वीरेन्द्र सिंह, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के कार्मिकों सहित इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

        मीडिया प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा संचालित जल संरक्षण अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जल संकट के दीर्घकालिक समाधान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण समृद्धि और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इसे जनभागीदारी आधारित अभियान बताते हुए इसकी सफलता में आमजन की सहभागिता को भी महत्वपूर्ण बताया।


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