जैसलमेर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) द्वारा शुक्रवार को ऐतिहासिक गड़ीसर तालाब पर “सुरक्षित पर्यावरण ही जीवन है” विषयक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार जैन के निर्देशन तथा अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम एवं सहायक अभियंता बीरमराम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैप के सामाजिक विकास विशेषज्ञ कुंदन सिंह भाटी ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण मानव जीवन और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष लगभग 11 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा जल पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित करता है, जिससे जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता को नुकसान एवं प्रदूषण जैसी समस्याएं और अधिक गंभीर हो रही हैं।
परियोजना प्रबंधक साजिद पठान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, ऊर्जा की बचत करने तथा जल संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति के संरक्षण में ही मानवता का भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने कहा प्रकृति से हम हैं, हमसे प्रकृति नहीं।
सामाजिक कार्यकर्ता लाभु देवी ने पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने सभी महिलाओं से पर्यावरण सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डीबी इंफ्रा के इंजीनियर लच्छी सिंह, महेशदान, मनीष सिंह एवं एसओटी महिपाल सिंह का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।