जैसलमेर। केन्द्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ^^12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के^^ कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन एवं सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, जैसलमेर के संयुक्त तत्वावधान में नगर परिषद सभागार में आयोजित जिला स्तरीय विकास प्रदर्शनी ने आमजन के बीच विशेष आकर्षण का केन्द्र बनकर व्यापक सराहना प्राप्त की। प्रदर्शनी के अंतिम दिवस खिलाड़ियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसे जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया।
प्रदर्शनी में केन्द्र सरकार की गत 12 वर्षों की विकास यात्रा को आकर्षक एवं तथ्यात्मक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। विकास, सुशासन, नवाचार और जनकल्याण की इस यात्रा को चित्रों, फ्लेक्स, स्टैंडी, सूचना पैनलों एवं आंकड़ों के माध्यम से इस प्रकार प्रदर्शित किया गया कि दर्शकों को देश में हुए व्यापक बदलावों का सहज एवं सजीव अनुभव हुआ।
प्रदर्शनी में आधारभूत संरचना के अभूतपूर्व विस्तार, आधुनिक सड़क एवं रेल नेटवर्क, डिजिटल इंडिया अभियान, आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, युवा उत्थान, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, स्वच्छ भारत मिशन, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। साथ ही विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
जिला सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक प्रवीण प्रकाश चौहान ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को योजनाओं की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया एवं उनके प्रभाव की समग्र जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही है, जिससे आमजन में जागरूकता बढ़ी है और वे योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित हुए हैं।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे खिलाड़ियों, युवाओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने वाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी देश की विकास यात्रा को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करती है तथा नई पीढ़ी को विकास और सुशासन की दिशा में हुए कार्यों से परिचित कराती है। उनके अनुसार ऐसी प्रदर्शनियां नागरिकों को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
प्रदर्शनी में आए नागरिकों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी नवाचारों एवं आधुनिक उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्शित सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। प्रदर्शनी में प्रदर्शित तथ्य, आंकड़े और दृश्य सामग्री विकास एवं जनकल्याण की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहे थे, जिसने दर्शकों को विकसित भारत के संकल्प के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया।
जैसलमेरवासियों से मिली उत्साहजनक एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह सिद्ध किया कि विकास आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम समाज में नई चेतना और सहभागिता का वातावरण निर्मित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रदर्शनी न केवल पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का दस्तावेज बनी, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी के संकल्प को भी सशक्त करने का माध्यम सिद्ध हुई।