जैसलमेर । ग्राम पंचायत धउवा, पंचायत समिति जैसलमेर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर 2026 आमजन के लिए केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर सामने आया। शिविर ने यह साबित किया कि जब सरकार स्वयं गांव की चौपाल तक पहुंचती है, तो विकास और सुशासन का वास्तविक स्वरूप दिखाई देता है।
वर्षों का इंतजार हुआ समाप्त
ग्राम विजयनगर निवासी श्रीमती लीला पत्नी स्वर्गीय श्री हजारसिंह लंबे समय से अपने आवासीय भूखंड के स्वामित्व अधिकार प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रही थीं। सीमित संसाधनों और जटिल प्रक्रियाओं के कारण उनका प्रकरण वर्षों से लंबित था। अपने ही भूखंड पर रहते हुए भी वैधानिक स्वामित्व का अभाव उन्हें निरंतर चिंता में रखता था।
आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर उनके जीवन में नई आशा लेकर आया। शिविर में उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण करते हुए उन्हें स्वामित्व अधिकार-पत्र (पट्टा) प्रदान किया गया। जैसे ही पट्टा उनके हाथों में आया, उनके चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास की मुस्कान स्पष्ट दिखाई देने लगी।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें अपने घर और भूमि के भविष्य की चिंता नहीं है। यह दस्तावेज उनके लिए केवल एक कागज नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।
सुशासन का सशक्त उदाहरण
ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से केवल श्रीमती लीला ही नहीं, बल्कि अनेक ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। पात्र लाभार्थियों को पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, प्रमाण-पत्रों के वितरण तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।
शिविर के सफल संचालन में नायब तहसीलदार देदाराम, प्रगति प्रसार अधिकारी महेंद्र सिंह झाला, सह शिविर प्रभारी मनोहर सुथार, प्रशासक हुकमसिंह सोलंकी, ग्राम विकास अधिकारी बाबूराम सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
लाभार्थी की प्रतिक्रिया
श्रीमती लीला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मैं वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रही थी। ग्रामीण सेवा शिविर में मुझे मेरा अधिकार मिला है। सरकार ने गांव तक पहुंचकर हमारी समस्याओं का समाधान किया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं समस्त प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।
ग्रामीण सेवा शिविर 2026 राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह अभियान ग्रामीणों को उनके अधिकारों और योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराकर सुशासन को साकार रूप प्रदान कर रहा है।