जयपुर/जैसलमेर । माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सिविल) संख्या 278/2022 (सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य) में पारित निर्णयों एवं राज्य सरकार द्वारा गठित राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग को प्रदत्त संदर्भों के अनुपालन में आयोग द्वारा राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में समसामयिक एवं अनुभवजन्य अध्ययन ¼Contemporaneous Rigorous Empirical Inquiry½ किया जा रहा है।
ओबीसी आयोग राजस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि उक्त अध्ययन के अंतर्गत आयोग द्वारा 10 जुलाई, 2026 से 23 जुलाई, 2026 तक प्रदेश के समस्त जिलों में श्राजधारा सर्वे मोबाइल ऐपश् के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, जनसांख्यिकीय एवं स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित तथ्यात्मक एवं अद्यतन आंकड़ों का संकलन करना है, जिससे आयोग विधिसम्मत एवं वैज्ञानिक आधार पर अपनी अनुशंसाएँ राज्य सरकार को प्रस्तुत कर सके। सर्वेक्षण कार्य पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। आयोग द्वारा विकसित राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से नियुक्त लगभग 51168 प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार सूचनाओं का संकलन करेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया का ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण आयोग स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
सर्वेक्षण के सफल संचालन के लिए आयोग द्वारा जिला स्तर पर नियुक्त लगभग 82 नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों एवं ब्लॉक स्तर पर नियुक्त लगभग 765 नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों, लगभग 1428 मास्टर ट्रेनर्स एवं अन्य संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 07 जुलाई 2026 को संपन्न कराया जा चुका है। साथ ही जिला एवं ब्लॉक प्रशासन के सहयोग से नियुक्त प्रगणकों को आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएँ एवं राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण सुनिश्चित कर दिया गया है।
आयोग ने समस्त जिला कलक्टरों, स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों से सर्वेक्षण कार्य के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, इस कार्य हेतु जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM को जिला समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही प्रगणकों को क्षेत्रीय स्तर पर अपेक्षित प्रशासनिक एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
आयोग ने प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों से आग्रह किया है कि वे सर्वेक्षण दल को सही, पूर्ण एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। आयोग ने यह भी अपेक्षा व्यक्त की है कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन एवं नागरिकगण सर्वेक्षण की सफलता में रचनात्मक सहयोग दें, जिससे आयोग को वस्तुनिष्ठ एवं विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें। आयोग का विश्वास है कि राज्यव्यापी सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तथ्यपरक, पारदर्शी एवं विधिसम्मत अनुशंसाएँ तैयार करने में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।