जैसलमेर । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा श्रद्धा और सम्मान के भाव से साकार होती नजर आई। राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का गुरु वंदन संदेश जैसलमेर के ऐतिहासिक आसरी मठ पहुंचाया गया, जहां पूज्य संत श्री त्रिलोक नाथ जी एवं श्री बाईराम जी (महंत श्री धनियानाथ जी) का विधिवत अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने मुख्यमंत्री का संदेश भेंट करते हुए पूज्य संतो को शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया। इस दौरान पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
जैसलमेर विधायक भाटी ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान के स्रोत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले प्रेरणापुंज हैं। गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का उत्सव है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का संदेश देती है। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, विवेक, संस्कार और नैतिक मूल्यों का प्रकाश फैलता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए पूज्य संत से आशीर्वाद प्राप्त किया एवं कहा कि गुरुजनों का सान्निध्य समाज को संस्कार, सेवा और मानव कल्याण की भावना से जोड़ने का कार्य करता है। नई पीढ़ी के लिए गुरु का मार्गदर्शन जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए सामाजिक समरसता, सेवा, सद्भाव और भारतीय संस्कारों के संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर समाजसेवी कंवराज सिंह चौहान, देवस्थान विभाग के डॉ. उमेश पुरोहित सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।