जैसलमेर । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जैसलमेर जिले के विभिन्न मंदिरों, मठों एवं धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा, सम्मान और आध्यात्मिक आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का श्गुरु वंदन संदेशश् जिले के पूज्य संतों, धर्मगुरुओं, महंतों एवं पुजारियों तक पहुंचाया गया। समाजसेवियों ने संत-महात्माओं का विधिवत सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की।
इस अवसर पर समाजसेवी सुशील व्यास ने गोरागड़ा गजरूप सागर के पूज्य संत श्री बालभारती जी महाराज, चंद्र प्रकाश शारदा ने देवपुरीजी आश्रम (रेलवे स्टेशन के सामने) के महंत श्री शिवपुरी जी महाराज, भंवर सिंह साधना ने देव चंद्रेश्वर मठ महादेव मंदिर के महंत श्री भगवान भारती जी महाराज, दलपत हिंगड़ा ने वैशाली तीर्थ ग्राम ब्रहमसर के महंत श्री कमल भारती जी महाराज, पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी ने ख्याला मठ म्याजलार के महंत श्री गोरखनाथ जी महाराज, सुरेश सुथार ने चेतननाथ मठ सिंहडार (पोस्ट तेजरावा) के महंत श्री चेतननाथ जी महाराज, सवाई सिंह गोगली ने उगवा (पोस्ट नरसिंगो की ढाणी) के महंत श्री ब्रजपुरी जी महाराज, कोजराज सिंह ने हेमशाही मठ कपूरिया के महंत श्री विरमपुरी जी महाराज, मनोहर सिंह दामोदरा ने फागनपुरी मठ भोपा के महंत श्री फागनपुरी जी महाराज, आईदान सिंह भाटी ने बालेटा धाम, जवाहरनगर के महंत श्री निरंजन भारती जी महाराज, नरेंद्र व्यास ने मोहनपुरीजी मठ डेलासर के महंत श्री महादेवपुरी जी महाराज, नखत सिंह ने झिनझिनयाली मठ के महंत श्री जोरावरपुरी जी महाराज, संतोष पालीवाल ने रामदेवरा मंदिर के गादीपति राव श्री भोमसिंह जी तंवर, पूर्व विधायक शैतान सिंह ने स्वामी जी की ढाणी के मठाधीश महंत श्री रावलपुरी जी महाराज एवं नारायण सिंह तंवर ने बड़ली आश्रम के महंत श्री हरीराम जी महाराज को मुख्यमंत्री का गुरु वंदन संदेश भेंट किया।
इस दौरान सभी पूज्य संतों एवं महंतों का शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं पुष्पमाला अर्पित कर भावपूर्ण सम्मान किया गया। गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा और सम्मान का यह आयोजन पूरे जिले में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देता नजर आया। श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनसमुदाय ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश और राष्ट्र की उन्नति, खुशहाली तथा जनकल्याण की कामना की। गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अटूट आस्था का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
इस अवसर पर देवस्थान विभाग के डॉ. उमेश पुरोहित सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।