ग्राम पंचायत माधोपुरा में खातेदारों को मिला राहत का अधिकार, प्रशासन के प्रति जताया आभार
जैसलमेर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच और जिला प्रशासन की प्रभावी पहल के तहत ग्राम पंचायत माधोपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा। शिविर में वर्षों से लंबित चल रहे खातेदारों की जमीन बंटवारे के प्रकरण का मौके पर ही सफल निस्तारण कर प्रशासन ने ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की।
गांव के कई खातेदारों के बीच भूमि बंटवारे का मामला लंबे समय से लंबित था, जिससे परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी और विवाद की आशंका बनी रहती थी। ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही थी।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपस्थित राजस्व विभाग की टीम ने सभी संबंधित खातेदारों को एक स्थान पर बुलाकर उनके दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया। सभी पक्षों की सहमति सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई और मौके पर ही भूमि का विधिवत बंटवारा कर प्रत्येक खातेदार को उसके हिस्से का स्पष्ट निर्धारण प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया।
इस त्वरित कार्रवाई से न केवल वर्षों पुराना मामला सुलझा, बल्कि भविष्य में भूमि विवाद की संभावनाएं भी काफी हद तक समाप्त हो गईं। पारदर्शी, नियमसम्मत एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली से प्रभावित खातेदारों ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने उनकी वर्षों पुरानी समस्या का सहज और त्वरित समाधान कर दिया।
शिविर में नायब तहसीलदार सांकड़ा पीयूष गर्ग, आईएलआर सांकड़ा सुरेन्द्र सिंह राठौड़ एवं पटवारी नरेंद्र सिंह राठौड़ की सक्रिय भूमिका रही। उनकी तत्परता और समन्वित प्रयासों से लंबित राजस्व प्रकरण का सफल निस्तारण संभव हो सका।
ग्रामीण सेवा शिविर की यह सफलता प्रशासन की संवेदनशीलता, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आमजन को सरकारी सेवाओं का त्वरित एवं प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।