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हज मुकम्मल कर वतन लौटेंगे,एडवोकेट अख्तर खान अकेला, बोले – हज ने जिंदगी को नई दिशा दी

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01 Jun 26
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हज मुकम्मल कर वतन लौटेंगे,एडवोकेट अख्तर खान अकेला, बोले – हज ने जिंदगी को नई दिशा दी

के डी अब्बासी 

कोटा। तवाफ-ए-वदा के साथ हज यात्रा पूर्ण कर वतन वापसी पर अधिवक्ता एवं समाजसेवी अख्तर खान अकेला ने अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहा कि हज की कुबूलियत, गुनाहों की माफी और अपने देश लौटने की खुशी उनके लिए किसी बड़ी नेमत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी हज से मिली सीख को अपने जीवन में उतारना और उस पर अमल करना है।

अख्तर खान ने कहा कि मक्का और मदीना की पवित्र यात्रा के दौरान उन्हें इस्लाम की शिक्षाओं, हज के अरकान और इस्लामी इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से हज यात्रा के विभिन्न पहलुओं, धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक तथ्यों को लगातार साझा किया, जिसे देश-विदेश के लोगों ने सराहा।

उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ लोगों ने उनकी पोस्टों और धार्मिक जानकारी के सार्वजनिक प्रसार पर आपत्तियां भी जताईं, लेकिन उन्होंने धैर्य और संयम के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका कहना है कि इस्लाम में तबलीग (धर्म प्रचार) और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी एक महत्वपूर्ण इबादत है।

वतन वापसी की खुशी व्यक्त करते हुए अख्तर खान ने कहा कि उन्हें अपने शहर, अपने मित्रों, परिवारजनों, चाय की थड़ियों, अदालतों की बहसों और अपने पेशेवर जीवन की गतिविधियों की बेहद याद आ रही थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह हज से मिली आध्यात्मिक सीख और अनुशासन को जीवन में बनाए रखते हुए अपनी नियमित दिनचर्या में लौटेंगे।

अख्तर खान ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब और सभी धर्मों के लोगों द्वारा मिले प्रेम, शुभकामनाओं और मुबारकबाद के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना में अल्लाह और पैगंबर मोहम्मद की यादें हैं, लेकिन अपने वतन हिंदुस्तान की मिट्टी, मोहब्बत और अपनापन भी उनके दिल के बेहद करीब है।

उन्होंने अंत में कहा कि हज का सफर भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन उससे मिली सीख, सब्र, शुक्र और इंसानियत की राह पर चलने का सफर जीवनभर जारी रहेगा।


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