GMCH STORIES

सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति, विकास की धुरी हैं — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

( Read 872 Times)

03 Feb 26
Share |
Print This Page

सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति, विकास की धुरी हैं — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर,  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के प्रतीक हैं और ग्रामीण विकास की वास्तविक धुरी भी। उनके समर्पण और सक्रिय भूमिका से ही नीतियां और योजनाएं धरातल पर उतरती हैं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार योजनाएं बनाती है, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन ग्राम स्तर पर सरपंचों के माध्यम से ही संभव होता है।

मुख्यमंत्री सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में राजस्थान सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को गांव-गांव तक पहुंचाने का दायित्व सरपंचों का है। जन अपेक्षाओं की पूर्ति और स्थानीय समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वीबीजी राम जी कानून से मजबूत होंगी ग्रामीण आधारभूत संरचनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया वीबीजी राम जी कानून ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे मनरेगा की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। केन्द्र सरकार ने इसके लिए केंद्रीय बजट में 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाएं और सशक्त होंगी।

8 करोड़ जनता का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता के कल्याण और सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। जल आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी, गंगनहर और माही परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में दिन में बिजली की व्यवस्था लागू हो चुकी है, जिसे 2027 तक पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा। साथ ही सोलर, बैटरी और पंप स्टोरेज परियोजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

युवाओं को रोजगार, पेपरलीक से मुक्त राजस्थान

मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। राज्य सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। 1.44 लाख पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और 1 लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि पिछले दो वर्षों में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ और राजस्थान अब पेपरलीक मुक्त प्रदेश बन चुका है।

पंचायतीराज को मजबूती, हजारों नई ग्राम पंचायतें

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतीराज को सशक्त करने के लिए राज्य सरकार ने 8 नई जिला परिषदें, 94 नई पंचायत समितियां और 3,467 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया है। पंचायत जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 2024-25 और 2025-26 में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही 475 ग्राम पंचायत भवन और 117 अंबेडकर भवनों का निर्माण पूर्ण किया गया है।

दो वर्षों में पांच वर्षों से अधिक कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों से अधिक कार्य किए हैं। फार्म पॉन्ड, डिग्गी निर्माण, तारबंदी, स्वामित्व कार्ड वितरण, पशु चिकित्सालयों का उन्नयन, पाइपलाइन विस्तार, गौशाला अनुदान और अल्पकालीन फसल ऋण वितरण जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

कार्यक्रम में सरपंच संघ ने जताया आभार

कार्यक्रम में विधायक श्री शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एक स्पष्ट विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री बंशीधर गढ़वाल ने ग्रामीण विकास और पंचायतीराज को सशक्त करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अर्जुन सिंह गौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मुकेश मीणा, प्रदेश समन्वयक श्री कमल चौधरी, प्रदेश महामंत्री श्री शक्ति सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) उपस्थित रहे।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like