जयपुर। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा राजस्थान में रेल संपर्कों की कड़ी को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभिन्न भागों में विशेष पहल की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के महत्वपूर्ण क्षेत्र शेखावाटी में रेल सम्पर्क को बेहतर और सुदृढ़ करने के लिए रींगस-सीकर 50 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के लिए 470.34 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस दोहरीकरण से रींगस, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में तीव्र नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही क्षेत्र का जयपुर और दिल्ली के मध्य बेहतर रेल सम्पर्क स्थापित होगा।
शेखावाटी क्षेत्र पर्यटन, सेना एवं शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। पिलानी एवं लक्ष्मणगढ़ की गिनती भारत के प्रसिद्ध शिक्षा क्षेत्रों के रुप में की जाती है। जहां एक ओर इस क्षेत्र के बग्गड़, बिसाऊ, चिराना, डूंडलोद, चिड़ावा, फतेहपुर, काजड़ा, महेनसर, नवलगढ़ स्थान अपनी सोने-चाँदी की भित्ती चित्रों वाली हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं खाटूश्यामजी, सालासर, जीणमाता, शाकम्भरी माता के धार्मिक स्थल पूरे भारत में विशेष पहचान रखते हैं। आस्था के इन केन्द्रों पर वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त शेखावाटी के बहुत से नौजवान भारतीय सेना में भी कार्यरत है।
रींगस से सीकर रेलखंड के दोहरीकरण से रींगस और सीकर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा साथ ही शिक्षा के लिए आवागमन करने वाले विद्यार्थियों को तीव्र और सुगम रेल परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा सेना में कार्यरत् जवानों को अपने निवास स्थान तक आवागमन के लिए बेहतर रेल सुविधा प्राप्त होगी।
इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा साथ ही ट्रेनों की गति में भी वृद्धि होगी। रींगस से सीकर रेलखंड के दोहरीकरण से खाटूश्याम जी वाले वाले श्रद्धालुओं को विशेष रूप लाभ मिलेगा तथा उनकी यात्रा सुगम होगी।
उल्लेखनीय है कि रींगस-खाटूश्याम जी 18 किलोमीटर नई लाइन का कार्य 254 करोड़ रूपए की लागत के साथ किया जा रहा है तथा सीकर और रींगस स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी प्रगति पर है। इन कार्यों के निष्पादन से शखावाटी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ.साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा एवं रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा।