जयपुर। श्री पंकज शर्मा ने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक (भारतीय रेल मैनजमेंट सर्विस) के पद पर बुधवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पूर्व श्री पंकज शर्मा रेलवे बोर्ड में प्रमुख कार्यकारी निदेशक/विद्युत विकास के पद पर कार्यरत् थे।
श्री पंकज शर्मा ‘‘भारतीय रेल इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेवा’’ के 1989 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। अपने उत्कृष्ट कैरियर के दौरान श्री पंकज शर्मा ने भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। श्री पंकज शर्मा ने प्रमुख कार्यकारी निदेशक/विद्युत विकास, रेलवे बोर्ड, वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, मण्डल रेल प्रबन्धक, कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे, मुख्य इलैक्ट्रिकल इंजीनियर (निर्माण) तथा मुख्य इलैक्ट्रिकल ट्रेक्शन इंजीनियर, उत्तर रेलवे जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया है।
श्री पंकज शर्मा ने मंडल रेल प्रबंधक, कोटा के पद पर भारतीय रेल के सबसे महत्वपूर्ण माल एवं यात्री परिचालन वाले मंडलों में से एक का नेतृत्व किया। श्री पंकज शर्मा ने कोविड-19 महामारी जैसी वैश्विक चुनौती के दौरान दूरदर्शी, सक्षम एवं ऊर्जावान नेतृत्व से विषम परिस्थितियों के बीच भी रेल संचालन को प्रभावी एवं निर्बाध बनाए रखने में अहम भूमिका का निर्वहन किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मिशन रफ्तार के अंतर्गत कोटा मंडल में प्रस्तावित सभी कार्यों की व्यापक पहचान, तकनीकी मूल्यांकन तथा प्राथमिकता निर्धारण सुनिश्चित किया। इन कार्यों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समग्र योजना तैयार की गई, जिससे विभिन्न रेल खंडों पर गति वृद्धि, परिचालन क्षमता में सुधार तथा समग्र परिचालन दक्षता को नई दिशा प्राप्त हुई।
श्री पंकज शर्मा ने रेलवे बोर्ड में प्रमुख कार्यकारी निदेशक (विद्युत विकास) के रूप में कार्य करते हुए रोलिंग स्टॉक, ट्रैक्शन प्रौद्योगिकी तथा रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़ी अनेक राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल की तकनीकी क्षमता, परिचालन दक्षता तथा आधुनिकीकरण को नई गति मिली।
श्री शर्मा, दाहोद स्थित प्रतिष्ठित 9000 हॉर्सपावर इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। यह भारतीय रेल का पहला ऐसा रोलिंग स्टॉक है, जिसे यूरोपीय मानकों के अनुरूप डिजाइनए निर्मित एवं परीक्षण किया गया है। इस प्रोजेक्ट में मात्र 20 महीनों में देश के पहले 9000 हॉर्सपावर इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव के रिकॉर्ड समय में निर्माण का कीर्तिमान स्थापित किया, जो उत्कृष्ट प्रबंधन, प्रभावी समन्वय तथा उच्च तकनीकी दक्षता का सशक्त उदाहरण है।
श्री पंकज शर्मा ने मिशन रफ्तार कॉरिडोरों में ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने के उद्देश्य से 2 गुणा 25 केवी ओवरहेड विद्युतीकरण प्रणाली के क्रियान्वयन, हाइपरलूप पहल के नोडल अधिकारी के रूप में भविष्य की परिवहन तकनीकों के मूल्यांकन, व्यवहार्यता के आकलन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली जैसी परियोजना तथा इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव में डिजिटल ट्विन के विकास की अत्याधुनिक पहल में योगदान प्रदान किया है।
श्री पंकज शर्मा शांत, दृढ़ निश्चयी एवं सहज उपलब्ध अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने टीम वर्क, कार्य उत्कृष्टता, पारदर्शिता, नवाचार तथा तकनीकी को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। श्री पंकज शर्मा को रेल परिचालन, अवसंरचना विकास, नीति निर्माण, सतर्कता, सुरक्षा प्रबंधन तथा रणनीतिक योजना सहित अनेक क्षेत्रों का व्यापक एवं बहुआयामी अनुभव प्राप्त है।