वन महोत्सव 2026 के तहत जयपुर मिलिट्री स्टेशन मे 1 से 14 जुलाई 2026 तक एक व्यापक ग्रीन ड्राइव (हरित अभियान) का आयोजन किया गया । इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना, हरियाली बढ़ाना तथा पर्यावरण-संबंधी सतत गतिविधियों में समुदाय की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना था।

इस अभियान के तहत जयपुर मिलिट्री स्टेशन में 42,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया। यह अभियान मिलिट्री यूनिट्स, केन्द्रीय विद्यालय ,आर्मी पब्लिक स्कूल , रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से संचालित किया गया।
पौधारोपण अभियान के साथ-साथ, पूरे अभियान के दौरान पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें आर्मी पब्लिक स्कूल के एनसीसी कैडेट्स द्वारा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, आर्मी पब्लिक स्कूल तथा विभिन्न आरडब्ल्यूए द्वारा पर्यावरण-थीम पर आधारित ड्रॉइंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं एवम, आर्मी पब्लिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा सस्टेनेबल जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करते हुए शैक्षिक नाटक और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए।
वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार के वन विभाग के अधिकारी तथा सहभागी एन जी ओ के पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा पौधारोपण की सही विधि, पौधों के रखरखाव और रोपण के बाद उनकी देखभाल पर व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।
जयपुर मिलिट्री स्टेशन में कई जगहों पर पेड़ लगाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मिलिट्री यूनिट्स, सेंट्रल इंस्टीट्यूशंस और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स शामिल हैं। इस अभियान को सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। रियासत फाउंडेशन ने 5,000 पौधे उपलब्ध कराए, जबकि आधार शोध संस्थान और कॉन्ट्री फाउंडेशन क्रमशः 25,000 और 12,000 पौधों का रोपण कर रहे हैं। दोनों एन जीओ मियावाकी (Miyawaki) पद्धति से पौधारोपण कर रहे हैं। साथ ही, पौधों के बेहतर विकास और अधिक से अधिक जीवित रहने को सुनिश्चित करने के लिए वे एक वर्ष तक उनकी देखभाल और रखरखाव भी करेंगे।
ग्रीन ड्राइव ने सिविल एजेंसियों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय समुदाय के सक्रिय सहयोग से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जयपुर मिलिट्री स्टेशन की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप, एक हरित और अधिक दीर्घकालिक भविष्य के निर्माण के लिए भारतीय सेना के निरंतर प्रयासों को भी सुदृढ़ किया।