सप्त शक्ति कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने 14 से 17 जुलाई 2026 तक चेतक कोर ज़ोन का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
दौरे के दौरान उन्होंने बठिंडा, सूरतगढ़, बीकानेर, लालगढ़ जट्टन, फाजिल्का तथा श्रीगंगानगर मिलिट्री स्टेशनों के साथ-साथ महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एवं ऑपरेशनल क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने नागी वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा 1971 के भारत-पाक युद्ध के पूर्व सैनिकों से बातचीत की।
आर्मी कमांडर को जी ओ सी ,चेतक कोर और सभी डिविज़नल कमांडरों ने ऑपरेशनल तैयारी, ट्रेनिंग गतिविधियों, तकनीकी पहलों और ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स के बारे में जानकारी दी।
ट्रेनिंग सेंटर्स के दौरे के दौरान, उन्होंने कॉर्प्स ज़ोन के सैनिकों से बातचीत की और सभी रैंक के सैनिकों के ऊंचे स्तर के ऑपरेशनल प्रतिबद्धता, और उत्कृष्ट कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने आवश्यकताओं के अनुरूप और असल ट्रेनिंग और वैलिडेशन की आवश्यकता पर बल दिया।, साथ ही हर तरह की स्थिति के लिए लगातार तैयारी पर ध्यान देने को कहा।
आर्मी कमांडर ने आधुनिक युद्ध में नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने विशेष रूप से ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन क्षमताओं के विकास, मानव रहित हवाई प्रणालियों में दक्षता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीकी के प्रभावी उपयोग द्वारा ऑपरेशनल प्रभावशीलता एवं युद्ध तत्परता को और सक्षम बनाने के महत्त्व को रेखांकित किया।
सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर का चेतक कोर क्षेत्र का दौरा
Jaipur, Saturday, 18 July 2026
सप्त शक्ति कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने 14 से 17 जुलाई 2026 तक चेतक कोर ज़ोन का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
दौरे के दौरान उन्होंने बठिंडा, सूरतगढ़, बीकानेर, लालगढ़ जट्टन, फाजिल्का तथा श्रीगंगानगर मिलिट्री स्टेशनों के साथ-साथ महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एवं ऑपरेशनल क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने नागी वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा 1971 के भारत-पाक युद्ध के पूर्व सैनिकों से बातचीत की।
आर्मी कमांडर को जी ओ सी ,चेतक कोर और सभी डिविज़नल कमांडरों ने ऑपरेशनल तैयारी, ट्रेनिंग गतिविधियों, तकनीकी पहलों और ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स के बारे में जानकारी दी।
ट्रेनिंग सेंटर्स के दौरे के दौरान, उन्होंने कॉर्प्स ज़ोन के सैनिकों से बातचीत की और सभी रैंक के सैनिकों के ऊंचे स्तर के ऑपरेशनल प्रतिबद्धता, और उत्कृष्ट कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने आवश्यकताओं के अनुरूप और असल ट्रेनिंग और वैलिडेशन की आवश्यकता पर बल दिया।, साथ ही हर तरह की स्थिति के लिए लगातार तैयारी पर ध्यान देने को कहा।
आर्मी कमांडर ने आधुनिक युद्ध में नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने विशेष रूप से ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन क्षमताओं के विकास, मानव रहित हवाई प्रणालियों में दक्षता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीकी के प्रभावी उपयोग द्वारा ऑपरेशनल प्रभावशीलता एवं युद्ध तत्परता को और सक्षम बनाने के महत्त्व को रेखांकित किया।