श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत एवं गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य में गजसिंहपुर में नशा मुक्त जीवन एवं रक्तदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों को नशें के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान का स्पष्ट संदेश है समाज नशेड़ी नहीं होता, व्यक्ति नशेड़ी बनता है और व्यक्ति के फैसले ही समाज का भविष्य तय करते हैं। नशा किसी एक व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की पीड़ा बन जाता है। जब एक युवा नशे की गिरफ्त में जाता है, तो केवल उसकी जिंदगी नहीं टूटती बल्कि माँ-बाप के सपने, बच्चों का भविष्य और समाज की उम्मीदें भी घायल हो जाती हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि नशे से होने वाली दुर्घटनाएँ, बीमारियाँ और आत्महत्याएँ हमें रोज चेतावनी देती हैं लेकिन हम अक्सर तब जागते हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है। रक्तदान के संदेश को नशा मुक्ति से जोड़ते हुए कहा कि हाथ में नशे का जहर नहीं रक्तदान करे तो किसी की जिंदगी बचा सकता है। नशा छोड़ना केवल खुद को बचाना नहीं, बल्कि समाज को जीवन देना है। रक्तदान उस सकारात्मक सोच का प्रतीक है जो नशे की अंधेरी गली से निकालकर सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी की राह दिखाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे नशे के खिलाफ सिर्फ नारे न लगाएं, बल्कि अपने जीवन से उदाहरण पेश करें। घर-घर संवाद करें, बच्चों से दोस्ती करें और समय रहते उन्हें सही दिशा दिखाएं। नशा मुक्त समाज किसी सरकार या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, यह हम सबकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। कार्यशाला में पुलिस थाना अधिकारी शालू बिश्नोई, तहसीलदार मुकेश खारिया, मंगत खत्री, जमना देवी खत्री, हरजीत मिगलानी, संजय कैन्थ, हरविंदर पन्नू व सुखचैन सिंह मौजूद रहे। हवलदार तलविंदर सिंह और पुलिस कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के लिए युवाओं को जागरूक किया।