GMCH STORIES

मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना से बच रही जिंदगियां

( Read 303 Times)

08 Jan 26
Share |
Print This Page

श्रीगंगानगर। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में संचालित राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना जिले में सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की जिंदगियां बचा रही है। आमजन भी जागरूक होकर अच्छे मददगार बनते हुए घायलों को अस्पताल में पहुंचा रहे हैं। अब तक ऐसे 15 मददगार ‘नेक इंसान‘ सामने आए हैं। जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशों पर मददगारों को प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति पत्र दिए जा रहे हैं। एम्बुलेंस 108 के जरिए भी जिंदगियां बचाई जा रही है।
सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि सडक दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना लागू की गई, जिसके तहत अनेक लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं की तत्काल सूचना दी। 15 लोगों ने योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया, जिनमें से गंभीर घायलों की मदद करने वाले मददगारों को राशि दी गई।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायल व्यक्ति को न्यूनतम समय (गोल्डन ऑवर) में राज्य के निकटतम सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थान (अस्पताल/ट्रोमा सेंटर आदि) पहुंचाने वाले भले व्यक्ति को राज्य सरकार पहले पांच हजार रुपए जबकि वर्तमान में 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र दे रही है।
सीओआईईसी श्री विनोद बिश्नोई ने बताया कि घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाला नेक इंसान द्वारा स्वेच्छानुसार अपनी पहचान आदि देने तथा योजना का लाभ लेने को तैयार होने पर अस्पताल के इमरजेंसी रूम में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर की ओर से व्यक्ति का नाम, उम्र, लिंग, पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र, बैंक डिटेल इत्यादि की जानकारी निर्धारित फॉर्म में भरी जाएगी। मेडिकल ऑफिसर के अतिरिक्त संबंधित थानाधिकारी/उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा भी नेक इंसान को इस योजना का लाभ दिलाने की अनुशंसा निदेशक, जन स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को दुर्घटना के तीन दिवस के अंदर की जाएगी।
दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निकटतम राजकीय अथवा निजी अस्पताल में पहुंचाने वाले भले व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने एवं उसकी इच्छानुसार तत्काल अस्पताल से जाने की अनुमति होगी। यदि घायल व्यक्ति गंभीर श्रेणी का है तो उसकी मदद करने वाले वाले भले व्यक्ति को दस हजार रूपए एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं एक से अधिक भले व्यक्ति होने की स्थिति में सभी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि सभी को समान रूप से विभाजित की जाएगी। भले व्यक्ति द्वारा सामान्य घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर केवल प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार की जरूरत होती है। गंभीर अवस्था में ‘गोल्डन ऑवर‘ बेहद मायने रखते हैं और तत्काल अस्पताल पहुंचाने पर उपचार संभव हो पाता है और जान बचाई भी जा सकती है। राज्य सरकार गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि देकर जागरूकता बढ़ा रही है ताकि राहगीर घबराने या किसी डर की बजाए मदद कर सकें।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like