श्रीगंगानगर। राजस्थान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में एक ओर ठोस कदम बढ़ाया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एआई नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि तकनीक.आधारित विकास, समावेशी प्रगति और जनकल्याण के लिए एआई का उपयोग सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। यह सम्मेलन भारत एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तैयारी के क्रम में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पड़ाव सिद्ध हुआ।
सम्मेलन में संस्थागत सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए गूगल, आईआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर तथा स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क (वाधवानी फाउंडेशन) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस बहुपक्षीय साझेदारी का उद्देश्य एआई अनुसंधान, बड़े पैमाने पर कौशल विकास, नैतिक एवं कानूनी ढांचे तथा नवाचार-आधारित इकोसिस्टम को मजबूत करना है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की डिजिटल क्षमताओं में वृद्धि होगी।
उच्चस्तरीय रणनीतिक सत्र में श्री अभिषेक सिंह, अतिरिक्त सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सीईओ-इंडियाएआई मिशन एवं महानिदेशक-एनआईसीए ने श्री विशाल धूपर, मैनेजिंग डायरेक्टर-साउथ एशिया, एनवीडिया के साथ संवाद किया। सत्र का संचालन श्री समीर जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, प्राइमस पार्टनर्स ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतंत्रीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को सुदृढ़ करने, नवाचार को व्यापक स्तर पर सक्षम बनाने तथा सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
इंडियाएआई मिशन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सुश्री कविता भाटिया, वैज्ञानिक ‘जी‘, समूह समन्वयक एवं सीओओ-इंडियाएआई मिशन ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की दृष्टि और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नीति, अवसंरचना और मानव संसाधन विकास के समन्वित प्रयासों से एआई को जनकल्याण से जोड़ा जा रहा है।
‘वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई‘ विषय पर श्री अविनाश शर्मा, प्रोफेसर, आईआईटी जोधपुर ने क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय संदर्भों को समझने वाले समाधान ही वैश्विक स्तर पर प्रभावी सिद्ध होते हैं। सम्मेलन के दौरान शासन, अवसंरचना, नवाचार, नैतिकता और रोजगार जैसे विषयों पर समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों और जनसेवा में इसके उपयोग पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य को एआई आधारित नवाचार, कौशल विकास और सतत विकास का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस ने यह सिद्ध किया कि राज्य तकनीक को जनहित से जोड़ते हुए भारत के एआई भविष्य में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।