GMCH STORIES

टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन ग्राम पंचायत बींझबायला में दो दिवसीय आईपी एम कार्यक्रम का आयोजन

( Read 794 Times)

08 Jan 26
Share |
Print This Page

टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन ग्राम पंचायत बींझबायला में दो दिवसीय आईपी एम कार्यक्रम का आयोजन

श्रीगंगानगर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र श्रीगंगानगर द्वारा ग्राम पंचायत बींझबायला में बुधवार एवं बृहस्पतिवार को दो दिवसीय आईपी एम आॅरिएण्टेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यालय अध्यक्ष  एवं उप निदेशक (ख वि) डाॅ. आर के शर्मा एवं सहायक निदेशक श्री प्रकाश चन्द्रा द्वारा किया गया। इसमें डा.ॅ शर्मा द्वारा आईपी एम तकनीक क्या है उसके बुनियादी सिद्धांत एवं इसके घटक तथा रबी की फसलों में खरपतवार प्रबंधन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जिसमें खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक आईपी एम विधियों के उपयोग पर चर्चा की जिसमें व्यवहारिक, यांत्रिक या भौतिक, जैविक तथा रासायनिक तरीकों के बारे में बताया। डा.ॅ शर्मा नेे बताया की कीटनाशकों का लगातार असुरक्षित एवं अंधाधुंध उपयोग होने से फसलों में बेवजह जहर की मात्रा बढ़ रही है जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक साबित होती जा रही है। इससे बचने के लिए जैविक कीटनाशकों का अधिक उपयोग एवं रासायनिक कीटनाशकों को अंतिम उपचार के रूप में ही उपयोग करने की सलाह किसानों को दी।
सहायक निदेशक (की वि) श्री प्रकाश चन्द्रा ने किसानों को फाल आर्मीवर्म की पहचान एवं उनके नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रबी की फसलों में लगने वाले कीट एवं उनके नियंत्रण के बारे में किसानों को अवगत करवाया। श्री चन्द्रा ने बताया कि किसानों को रासायनिक कीटनाशक की बजाय जैविक कीटनाशकों जैसे-नीम का तेल, हरीमिर्च एवं लहसुन से बने घरेलू कीटनाशकों को विकल्प के तौर पर उपयोग करें ताकि पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके एवं उपज भी अच्छी ली जा सके। जैविक कीटनाशक, मित्र कीटों को बचाने में भी महत्वपूर्ण होते है जो रासायनिक कीटनाशकों की खपत को कम करने में सहायक होते है।
सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र मीना ने रबी की फसलों में लगने वाली बिमारियों के लक्षण एवं उनके नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया एवं किसानों को सलाह  दी की रबी फसलों में लगने वाले रस चूसक कीटों के लिए पीले एवं नीले चिपचिपे कार्ड आदि उपयोेग में लाये ताकि रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग के बिना ही कीटों का नियंत्रण किया जा सके। किसान इन कार्डो को घर पर भी बना सकतें है जिसके लिए किसान किसी भी पुराने गत्ते एवं टिन के टुकडें को पीले या नीले रंग से रंग कर सूखनें के पश्चात् इस पर ग्रीस लगा कर इनकों खेतों में लगा सकतें है इससें कम लागत में कीटों के नियंत्रण का उपाय किया जा सकता साथ ही साथ मित्र कीटों जैसे-क्राईसोपर्ला, लैडीबर्डबीटल, मकडियों, ब्रैकाॅन, चीलोनिस ब्लैकबर्नी आदि की पहचान करवायी तथा इनकें संरक्षण पर जौर दिया ताकि पर्यावरण संतुलन को हानि पहुंचाए बिना ही हानिकार ककीटों को मित्र कीटों द्वारा ही नियंत्रित किया जा सके।
वैज्ञानिक सहायक श्री रोहितशवा कुमार चैधरी ने किसानो को भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही मोबाईल एप्लीकेशनएन पी एस एस के बारे में किसानों को खेतों में ले जाकर प्रैक्टिकल प्रदर्शनी करके बताया। एन पी एस एस (राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा नियंत्रित एक मोबाईल एप्लीकेशन है जिसे गूगलप्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है तथा इस एप्लीकेशन से सभी किसान भाई किसी भी कीट एवं बिमारियों की पहचान कर सकते तथा साथ ही साथ उसके उपचार के बारे में भी पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है।
वैज्ञानिक सहायक सुश्री वर्षा ने मित्र कीटों जैसे-क्राईसोपर्ला, लैडीबर्डबीटल, मकडियों, ब्रैकाॅन, चीलोनिस ब्लैकबर्नी आदि की पहचान करवायी तथा इनकें संरक्षण पर जोर दिया ताकि पर्यावरण संतुलन को हानि पहुंचाए बिना ही हानिकारक कीटों को मित्र कीटों द्वारा ही नियंत्रित किया जा सके।
कार्यक्रम आईपी एम की अवधारणा एवं घटक, रसायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग की रोकथाम, हानिकारक एवं मित्र कीटों की पहचान, रबी  फसलों की  रोग  एवं  कीट, राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली, जैविक कीटनाशकों आदि पर केन्द्रित रहा। टिड्डी-सह-एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र श्रीगंगानगर के अधिकारियों के साथ-साथ राज्य कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक कुलदीप कुमार, कृषि पर्यवेक्षक अनीता बिशनोई, रविकांत जांगु, राजेश जांगु  एवं रेखा उपस्थित रहे। जिन्होंने राज्य सरकार के द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओ के बारे मे बताया। कार्यक्रम मे सभी किसानों को ट्राईकोडमाके  एक-एक पैकेट का भी वितरण किया गया


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like