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साईबर अपराधों व पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में नर्सिंग छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

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13 Feb 26
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साईबर अपराधों व पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में नर्सिंग छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर के निर्देश पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश) द्वारा राजकीय नर्सिंग कॉलेज श्रीगंगानगर में साईबर अपराधों के बारे में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
      शिविर के दौरान श्री रवि प्रकाश सुथार ने नर्सिंग छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि आज के दौर में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साईबर अपराधों में भी वृद्धि हुई है। एडीजे श्री सुथार ने उपस्थित नर्सिंक छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे ऑनलाईन लेनदेन के वक्त मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें एवं किसी से भी अपना ओटीपी साझा न करने तथा सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही एडीजे सुथार ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में बताया कि इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य गर्भ में लिंग की जांच करना एवं कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना है। यह एक्ट कन्या भ्रूण हत्या को रोकन के लिए, प्रसवपूर्व लिंग निर्धारण और लिंग चयन को प्रतिबंधित करता है, जो गैर-जमानती, गैर समझौता योग्य व एक संज्ञेय अपराध है। उक्त एक्ट का उल्लंघन करने पर अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त करने, डॉक्टर का पंजीकरण रद्ध करने और 5 साल व जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
शिविर के दौरान नर्सिंग कर्मियों को अपने नोबल कार्य व पेश से हटकर ऐसा कोई कार्य नहीं करने व पीसीपीएनडीटी एक्ट में दिये गये प्रावधानों की अक्षरशः पालना किये जाने हेतु अपील की गई। इसी के साथ ही नर्सिंग छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने, पीड़ित प्रतिकर स्कीम व पालना गृह के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
      इसके पश्चात् जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर के एल.ए.डी.सी. के चीफ अधिवक्ता श्री रोहताश यादव द्वारा उपस्थितगण को निःशुल्क विधिक सहायता व एल.ए.डी.सी.एस. की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। बालिकाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वास्थ्य की ओर पूरा ध्यान देने पर जोर दिया। जागरूकता कार्यक्रम में मंच संचालन लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल अमनदीप चलाना द्वारा करते हुए लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया गया। (फोटो सहित)
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनांतर्गत पोर्टल पुनः आरम्भ
श्रीगंगानगर, 13 फरवरी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनांतर्गत चयनित परिवारों के राशन कार्ड में जो सदस्य जुड़ने से शेष रह गये हैं, उन्हें जोड़ने हेतु पोर्टल पुनः प्रारम्भ किया जा चुका है।
जिला रसद अधिकारी श्रीमती कविता ने बताया कि इसमें परिवार का कोई भी सदस्य विभाग के पोर्टल https://rrcc.rajasthan.gov.in/  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। संबंधित परिवार के शेष सदस्यों के नाम जनअधार एपीआई के माध्यम से जोड़े जायेंगे अर्थात जिस सदस्य का नाम जुड़वाना है, उसका नाम जनआधार कार्ड में होना आवश्यक है।  यदि जुड़ने वाले किसी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन उपलब्ध है, तो उसकी एलपीजी आईडी का वितरण भी दर्ज किया जाना आवश्यक है। जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी के अप्रूवल के पश्चात सदस्य का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़ने के 90 दिवस के भीतर संबंधित सदस्यों की ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पात्र लाभार्थी स्वयं अपने मोबाईल द्वारा आवेदन कर सकता है। इसके लिये अनावश्यक रूप से ई-मित्र पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
 


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