श्रीगंगानगर। बदलते कृषि परिवेश में किसानों के समक्ष मौसम की अनिश्चितता, तापमान में निरन्तर उतार-चढ़ाव और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं। वर्तमान परिस्थितियों में “संरक्षित खेती” किसानों के लिए आधुनिक और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। ग्रीन हाउस एवं शेडनेट हाउस तकनीक के माध्यम से किसान नियंत्रित वातावरण में उच्च मूल्य वाली सब्जियों, फूलों एवं फलों की खेती कर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं।
संरक्षित खेती का मुख्य उद्देश्य तापमान, आर्द्रता तथा सूर्य के प्रकाश जैसे कृषि जलवायु कारकों को नियंत्रित करके फसलों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। इससे किसान बेमौसमी खेती कर बाजार में अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, गुलाब, जरबेरा, स्ट्रॉबेरी जैसी उद्यानिकी फसलें ग्रीन हाउस एवं शेडनेट हाउस में सफलतापूर्वक उगाई जा रही हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार द्वारा संरक्षित खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। निर्धारित इकाई लागत अथवा विभाग द्वारा अनुमोदित फर्म की दरों में से जो भी कम हो, उस पर अधिकतम 2500 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को 70 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। यह अनुदान किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने में सहायक साबित हो रहा है।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक के पास कृषि योग्य भूमि तथा सिंचाई स्रोत होना आवश्यक है। आवेदन के समय भूस्वामित्व प्रमाण-पत्र, नक्शा ट्रेस, मिट्टी एवं पानी की जांच रिपोर्ट, निर्माण लागत से संबंधित एम्पेनल फर्म का कोटेशन अथवा इनवॉइस तथा आवश्यकतानुसार जाति एवं लघु-सीमान्त प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होते हैं।
योजना में आवेदन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है। किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर अथवा स्वयं “राज किसान साथी पोर्टल” पर जनआधार संख्या के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों में “पहले आओ-पहले पाओ” एवं लॉटरी प्रणाली (50-50 प्रतिशत) के आधार पर पात्र किसानों का चयन किया जाता है।
संरक्षित खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि कम पानी में अधिक उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण फसल एवं कीट-रोग नियंत्रण में भी प्रभावी है। इससे युवा किसान आधुनिक तकनीक आधारित खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं और कृषि क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा मिल रही है। ग्रीन हाउस एवं शेडनेट हाउस जैसी तकनीकें आने वाले समय में कृषि को अधिक लाभकारी, सतत और बाजार उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित खेती अपनाते हैं, तो वे कम क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन लेकर आर्थिक समृद्धि की नई मिसाल स्थापित कर सकते हैं।