श्रीगंगानगर। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि व जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि के नेतृत्व में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर के मार्फत ज्ञापन सौंपकर राज्य में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में विभिन्न मांगें रखी गईं। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने बताया कि बताया कि वाल्मीकि समाज के अनेक अस्थायी सफाई मजदूर वर्षों से नगर निकायों में सफाई कार्य करते हुए शहरों की स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे अनुभवी एवं कार्यरत सफाई मजदूरों को नई भर्ती प्रक्रिया में उचित प्राथमिकता प्रदान की जानी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि वर्षों से कार्यरत अस्थायी सफाई मजदूरों का सीधा चयन किया जाए, परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए तथा 5 वर्षीय संविदा भर्ती के स्थान पर नियमित सीधी भर्ती की जाए। इसके अतिरिक्त भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार एवं प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करने, न्यायालय की शरण में गए अस्थायी सफाई मजदूरों को राहत प्रदान करने तथा राज्य में सफाई ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर “समान काम, समान वेतन” का सिद्धांत लागू करने की मांग भी की गई। यूनियन ने यह भी मांग उठाई कि नगर परिषद, श्रीगंगानगर के वार्ड परिसीमन के बाद क्षेत्रफल में हुई वृद्धि को देखते हुए 500 सफाई कर्मचारियों के पद स्वीकृत कर भर्ती की जाए ताकि शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। यूनियन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उक्त मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया तो सफाई कर्मचारी यूनियन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी।
शिष्टमण्डल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, अध्यक्ष जिला वाल्मीकि सभा सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिन्दर सिंह टाक, महामंत्री समीर वाल्मीकि, अशोक सुमाली, सुनील घुस्सर, बसंत सारवाण, बिरजू द्रविड़, रामनिवास पिवाल, ज्योति धारीवाल, विनोद वाल्मीकि, रिन्कू सारसर, सम्राट, सोनू सारवाण, भेरू सारवाण आदि उपस्थित थे।