श्रीगंगानगर। साप्ताहिक समीक्षा बैठक जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने जिले में बिजली-पानी आपूर्ति और नालों की साफ-सफाई की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार जिले में जारी ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाये।
जिला कलक्टर ने बैठक में मानसून से पूर्व नाले और नालियों की समुचित सफाई के लिये नगरपरिषद व नगर विकास न्यास को निर्देश देते हुए कहा कि बरसाती पानी की निकासी में समस्या नहीं आनी चाहिए। नालों की डिसिलटिंग करवाते हुए इनकी रिपोर्ट भी दी जाये। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान बरसाती पानी की निकासी समुचित और नियमित रहे, ऐसी व्यवस्थाएं की जायंे। उन्होंने अधिकारियों की टीम बनाकर उक्त कार्यों की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिये। एसटीपी कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर द्वारा नगर विकास न्यास और नगरपरिषद अधिकारियों को उक्त कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।
बैठक में गंगनहर की सफाई की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने जल उपलब्धता और पंजाब से निर्धारित मात्रा के अनुसार पानी लेने के लिये सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उक्त कार्यवाही पूर्ण की जाये। नहरी पानी की चोरी रोकने के लिये भी आवश्यक व्यवस्थाएं करें। ग्रीष्मकाल के दौरान जल और विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि ढ़ीली तारों के साथ-साथ ट्रांसफामर्स और खंभों की नियमित मॉनिटरिंग की जाये। समस्या आने पर उसका समाधान कर आमजन को राहत दी जाये।
आरयूआईडीपी कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारी समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करें। नगर विकास न्यास द्वारा करवाये जा रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि जो कार्य निर्माणाधीन हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण रूप से करवाते हुए नये कार्यों के कार्य आदेश जल्द जारी किये जाये। सीवरेज कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कर उक्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाये। फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिये कि सामुदायिक शौचालय का संचालन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से करवाये जाये।
स्वामित्व योजना के तहत प्रोपर्टी मय पार्सल वितरण पर भी चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के दौरान पात्र नागरिकों के पट्टे बनाकर उनका वितरण किया जाये। राज्य सरकार की मंशा के अनुसार अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टों सहित अन्य उपलब्ध सुविधाओं से लाभान्वित किया जाये। पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, एमपी और एमएलए कोटे कार्यों पर भी चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने लम्बित कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये।
वीबीजी-रामजी योजना के तहत सिंचाई खाले, सड़क निर्माण के कार्य स्वीकृत करवाने के निर्देश देते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि शिक्षा विभाग भी इस योजना के तहत आवश्यक कार्य पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और हरियालो राजस्थान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि शिवपुर हैड से लेकर साधुवाली तक व्यापक रूप से पौधारोपण किया जाये। इसके लिये सिंचाई, वन और पंचायती राज विभाग आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करना सुनिश्चित करें। जिले के राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि नामांकन सहित अन्य गतिविधियां पूर्ण की जाये। डीएमएफटी और सचिवालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अधिकाधिक पशुपालकों को लाभान्वित किया जाये।
उद्यान विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि जिले के किन्नू उत्पादकों को ड्रिप इरिगेशन के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पंच गौरव योजना की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि संबंधित विभाग आवश्यक गतिविधियां राज्य सरकार की मंशा के अनुसार सम्पादित करना सुनिश्चित करें। मिनी सचिवालय निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कार्य जल्द पूर्ण करने के लिये आरएसआरडीसी अधिकारियों को निर्देश करते हुए कहा कि सचिवालय परिसर में पौधारोपण करते हुए सौन्दर्यकरण कार्य भी अनिवार्य रूप से करवाया जाये।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री सुभाष कुमार, एसीएम श्रीमती स्वाति गुप्ता, जिला परिषद एसीईओ श्री हरीराम चौहान, डॉ. अजय सिंगला, श्री धीरज चावला, डॉ. सुखपाल बराड़, श्री सुरेन्द्र पूनिया, श्री मंगत सेतिया, श्रीमती प्रीति गर्ग, श्री हरीश मित्तल, श्री ऋषभ जैन, श्री नेमीचंद वर्मा, श्री सन्नी प्रताप त्रिपाठी, श्री अरविन्द सिंह, श्री मोहनलाल अरोड़, श्री विरेन्द्र पाल सिंह, श्रीमती कविता सिहाग, श्री विनोद स्वामी, डॉ. सतीश शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।