GMCH STORIES

युग पुरुष प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से राजस्थान के ‘विकास पुरुष’ बन रहे हैं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा*

( Read 1183 Times)

06 Jul 26
Share |
Print This Page

युग पुरुष प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से राजस्थान के ‘विकास पुरुष’ बन रहे हैं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा*

के के गुप्ता -*

 

“दूरदर्शी नेतृत्व तभी सफल होता है जब उसके पीछे स्पष्ट संकल्प, मजबूत इरादें एवं नीतियाँ और जनकल्याण का लक्ष्य और बलवती भावना हो।”

 

ढाई साल पहले दिसम्बर 2023 में राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सरल लेकिन मजबूत दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी भजन लाल शर्मा ने अपेक्षाकृत कम समय में जिस गति से राजस्थान की विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है, उसने राज्य की विकास यात्रा को एक नई दिशा प्रदान की है। पूरी दुनिया में अपने नेतृत्व की अनूठी छाप छोड़ने वाले युग पुरुष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व एवं केन्द्र सरकार के सहयोग और ‘डबल इंजन सरकार’ की कार्यशैली ने राजस्थान को आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, जल, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की शुरुआत की है। यही कारण है कि आज मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को लोग राजस्थान के एक उभरते हुए ‘विकास पुरुष’ के रूप में देखने लगे हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की कार्यशैली की विशेषता यह रही है कि उन्होंने केन्द्र और राज्य के बीच समन्वय को प्राथमिकता दी है और अपने हर नई दिल्ली दौरे में राजस्थान के लिए एक नई सौगात लाये हैं । 

 

अपनी सरकार के पहले ही वर्ष में उन्होंने *राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट* का आयोजन किया और इसके माध्यम से राज्य में 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिनमें से ₹7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके है । इन निवेशों का उद्देश्य केवल बड़े उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा है। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, अनुमतियों की समयबद्ध व्यवस्था तथा उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भजनलाल सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में कई कदम उठाए। साथ ही देश विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों को अपनी *कर्मभूमि से मातृभूमि*से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा ने जयपुर में *प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस* कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया और देश-विदेश में राजस्थान फाउंडेशन की 26 शाखाएं खोली है जिनमें 14 भारत में और 12 चैप्टर्स विदेशों में खोले गए है ।

 

देश के सबसे बड़े और राजस्थान जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य के लिए आधारभूत संरचना का विकास सबसे बड़ी आवश्यकता रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भजन लाल शर्मा ने सड़क, रेल, मेट्रो, एक्सप्रेस-वे तथा औद्योगिक कॉरिडोर को प्राथमिकता दी और केन्द्र सरकार के सहयोग से अनेक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और विस्तार तेज गति से आगे बढ़ाया है । परिणाम स्वरूप जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, और भरतपुर संभागों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए है ।

 

सबसे बड़ी उपलब्धियों में राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में लगभग 80 हजार करोड़ की लागत से बनी *पचपदरा रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स* का हाल ही हमारे लोकप्रिय और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पण की दिशा में निर्णायक पहल रही है । यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के औद्योगिक विकास का एक नया अध्याय मानी जा रही है। इससे हजारों प्रत्यक्ष एवं लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा पेट्रोकेमिकल उद्योगों का विशाल नेटवर्क विकसित होगा।

 

इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 13000 करोड़ रु की लागत से बनने वाली *जयपुर मेट्रो फेज-2*की आधारशिला रखी गई है । इससे जयपुर शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी और तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को आधुनिक यातायात सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में *रेल विकास* के नए आयाम स्थापित हो रहें है। विभिन्न रेलवे लाइनों के दोहरीकरण, रेलवें स्टेशनों का पुनर्विकास, नई रेल परियोजनाओं तथा कार्यक्रमों को भी गति मिली है। राजस्थान में ₹57,247 करोड़ कुल 30 रेलवे परियोजनाएँ (11 नई रेल लाइनें,14 दोहरीकरण परियोजनाएँ और 5 गेज परिवर्तन परियोजनाएँ पूरी या आंशिक रूप से पूर्ण हुई है अथवा  स्वीकृत होकर प्रगति पर हैं। 2014 के बाद राजस्थान में 3,784 किलोमीटर नई रेलवे लाइन/ट्रैक का निर्माण (नई लाइन, दोहरीकरण आदि सहित) किया गया है।5,143 किलोमीटर से अधिक रेलमार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे राजस्थान लगभग पूर्ण विद्युतीकृत ब्रॉडगेज नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।  इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 के रेल बजट में राजस्थान के लिए ₹9,960 करोड़ का प्रावधान किया गया, जो 2009–14 की औसत वार्षिक राशि (₹682 करोड़) की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। वर्तमान में ₹12,480 करोड़ नई रेल लाइनें (लगभग 555 किमी), ₹8,204 करोड़ की दोहरीकरण (लगभग 832 किमी) ₹1,716 करोड़  रु गेज परिवर्तन (लगभग 152 किमी) की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं ।

 

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने *ऊर्जा क्षेत्र* को आत्मनिर्भर बनाने का भी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। राजस्थान पहले से ही देश में सौर ऊर्जा का अग्रणी राज्य रहा है, लेकिन नई सरकार ने *सौर, पवन और हरित ऊर्जा* परियोजनाओं को और अधिक प्रोत्साहन दिया। राज्य में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, सौर पार्कों का विस्तार तथा ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर विशेष बल दिया गया है। कुल मिलाकर राजस्थान में 50 गीगावाट (50,000 मेगावाट) से अधिक की सौर, पवन और हरित ऊर्जा परियोजनाएँ संचालित अथवा निर्माणाधीन हैं  जिन पर लगभग ₹4.5 से ₹5 लाख करोड़ के कुल निवेश की संभावना है।इससे राजस्थान देश की ऊर्जा राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

*जल संकट* राजस्थान की सबसे बड़ी चुनौती रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप जल संरक्षण और जल प्रबंधन को सर्वोच्च महत्व दिया। पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, अमृत सरोवरों के विकास तथा पेयजल योजनाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है । पूर्वी राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली 73,000 करोड़ की *पुनर्गठित ईआरसीपी –पीकेसी लिंक परियोजना (रामसेतु परियोजना)* को अमलीजामा पहनाने के लिए चम्बल और अन्य नदियों को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। हाल ही प्रदेश के शेखावाटी अंचल की प्यासी भूमि की प्यास बुझाने केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहयोग से हरियाणा के साथ किए गए ₹34,102 करोड़ के यमुना जल समझौते को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस समझौते से शेखावाटी के चूरू, सीकर और झुंझनु आदि जिलों को भविष्य में यमुना का जल उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस उपलब्धि के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेशभर में अभूतपूर्व स्वागत इस बात का प्रमाण था कि जनता इस पहल को विकास के नए युग की शुरुआत मान रही है।

 

*कृषि क्षेत्र* में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए *सिंचाई सुविधाओं का विस्तार*, फसल बीमा, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा कृषि विपणन व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। *पशुपालन, डेयरी विकास तथा गौ-संवर्धन* पर भी सरकार ने विशेष बल दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

 

*शिक्षा एवं स्वास्थ्य* के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। नए विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा चिकित्सा संस्थानों के विकास के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया गया। जिला अस्पतालों को सुदृढ़ बनाने तथा चिकित्सा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के प्रयास भी लगातार जारी हैं।

 

*महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा* योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहा है। युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण, स्टार्टअप को प्रोत्साहन तथा स्वरोजगार योजनाओं को नई गति प्रदान की गई है। गरीब, किसान, महिला और युवा—इन चार वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास सरकार की नीतियों में स्पष्ट दिखाई देता है।

 

*पर्यटन* के क्षेत्र में राजस्थान की विश्व विख्यात ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक परियोजनाएँ प्रारम्भ की गई हैं। विरासत स्थलों के संरक्षण, सड़क संपर्क, सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे *विकसित भारत@2047, स्वच्छ भारत मिशन,हर घर जल, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, पीएम सूर्य घर योजना तथा आधारभूत संरचना विकास*  आदि को राजस्थान में प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास कर रहें हैं । उन्होंने *हरियालों राजस्थान* कार्यक्रम के  अंतर्गत गत वर्ष राज्य में ग्यारह करोड़ पौधे लगवाये और इस वर्ष भी दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है । *स्वच्छता अभियान* को गति देने के लिये मुख्यमंत्री शर्मा ने मुझे राज्य का ब्राण्ड एम्बेसेडर नियुक्त किया है और मैंने प्रदेश के सभी निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही जन प्रतिनिधियों के साथ बेठकें आयोजित कर अपेक्षित कार्यवाही को अंजाम दिया है।

 

निश्चित रूप से किसी भी सरकार का अंतिम मूल्यांकन उसके पूरे कार्यकाल के बाद ही किया जाता है, किन्तु वर्ष 2023 से अब तक की ढाई वर्षों की अवधि यह संकेत अवश्य देती है कि राजस्थान में विकास की गति तेज हुई है। विशाल निवेश, आधुनिक आधारभूत संरचना, ऊर्जा परियोजनाएँ, जल प्रबंधन, उद्योग, परिवहन और रोजगार के क्षेत्र में उठाए गए कदम भविष्य के राजस्थान की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

 

उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि राजस्थान  के यशस्वी मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में विकास की यह गति और समन्वय आगे भी बना रहेगा और राजस्थान केवल मरुस्थलीय राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान और अधिक सुदृढ़ करेगा। पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित राजस्थान का सपना अब योजनाओं से आगे बढ़कर धरातल पर आकार लेता दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि अनेक राजनीतिक विश्लेषक और आमजन उन्हें राजस्थान के उभरते हुए ‘विकास पुरुष’ के रूप में देख रहे हैं।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like