राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि भोपाल (म.प्र.) में आयोजित हो रही 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बॉट प्रतियोगिता (जुनियर व सीनियर) के आज दुसरे दिन राजस्थान जुनियर मिक्स टीम नें 2000 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के अध्यक्ष भगवान स्वरूप ने बताया कि जुनियर मिक्स 2000 मीटर रेस में देश की करीब 12 श्रेष्ठ खिलाडियों से सुसज्जित टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया था, जहां पर राजस्थान की जुनियर मिक्स टीम ने अपनी रेस 10ः00 मीनट व 243 मीली सेकेण्ड में पुरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
राजस्थान ड्रैगन बॉट चेयरमैन अजय अग्रवाल व संघ के महेश पिम्पलकर ने बताया कि राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता जुनियर मिक्स टीम में राजस्थान की सुश्री कनिष्का कुमावत, सुश्री शगुन कुमावत, सुश्री मनस्वी सुखवाल, सुश्री नाईसा पानेरी, सुश्री चार्वी कुमावत, सुश्री काव्या सैनी, सुश्री प्रनवी कुमावत, सुश्री तेजस्वी जोशी, देवेन्द्र सिंह, कुलवर्धन सिंह शक्तावत, पार्थ सिंह चुण्डावत, सक्षम कुमावत, अनन्त सिंघवी, मानस सुखवाल खिलाडीयों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए राजस्थान की झोली में स्वर्ण पदक डाला वही राजस्थान की जूनियर और सीनियर टीम के प्राक्षिशक के लिए पूर्व अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाडी सुश्री तनिष्क पटवा को नियुक्त किया गया है।
संघ के चेयरमैन चंद्र गुप्त सिँह चौहान ने सभी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सुभकामनाये प्रेषित करते हुए संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी जी, जिला खेल अधिकारी श्री महेश पालीवाल व यु. डी. ए. आयुक्त श्री राहुल जैन को भी राजस्थान टीम के स्वर्ण पदक जितने पर बधाईया दी और कहा की आप हमेशा उदयपुर मे खेल व खिलाड़ियों के विकास मे अग्रणी भूमिका निभाते है आपके सहयोग के बिना यह सब संभव नहीं था।
स्वर्ण पदक जितने के उपरान्त संघ के पदाधिकारीयों के साथ विशेषकर खिलाड़ियों ने श्री जी हुजूर डॉ लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ व महारानी साहिबा श्रीमति निर्वती सिंह जी मेवाड़ को तहेदिल से धन्यवाद दिया की प्रतियोगिता से पूर्व नियमित अभ्यास हेतु आप द्वारा भेंट की हुई बॉट्स से हीं हम इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर पाए और राजस्थान व मेवाड़ के लिए स्वर्ण पदक जीत पाए है।
रेस के दौरान इन सभी खिलाडियों कि हौसला अफजाई हेतु संघ के अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव, संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान व संघ के उपाध्यक्ष महेश पिम्पलकर रेस के दौरान वही उपस्थित थे।
दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि प्रतियोगिता से पुर्व राजस्थान टीम के चयन हेतु राजस्थान के सभी खिलाडियों की एक ट्रायल उदयपुर के फतेहसागर स्थित रिजनल कोचिंग केन्द्र पर ली गई थी जहां पर बेस्ट खिलाडियों का चयन किया गया तथा उसके उपरान्त फतेहसागर पर ही इन चयनित खिलाडियों का अभ्यास केम्प लगाया गया था जहां पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया था जिसके फलस्वरूप ही राजस्थान ने स्वर्ण पदक जीता।
भगवान स्वरूप वैष्णव ने बताया कि यह प्रतियोगिता भोपाल (म. प्र.) में दिनांक 06 जनवरी से चालू हुई जो 09 जनवरी 2026 तक चलेगी राजस्थान टीम के अभी 05 ईवेन्ट और शेष है उनमें भी आशा है कि राजस्थान स्वर्ण से कम नही लायेगी।
स्वर्ण पदक जितने के उपरांत राजस्थान ड्रैगन बॉट चेयरमैन अजय अग्रवाल ने बताया की यह राजस्थान के लिए गौरव के पल है और खिलाड़ियों व कोच की मेहनत का फल है अग्रवाल ने बताया की भविष्य मे हम राजस्थान के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा टीम के उदयपुर लौटने पर पूरी टीम का भव्य स्वागत किया जायेगा।
इस अवसर पर संघ के चेयरमैन पियूष कचवाहा, तुषार मेहता, कमलेश हाथी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ महावीर सिंह परिहार, उपाध्यक्ष प्रो. मदन सिंह राठौर, तकनिकी अधिकारी दीपक गुप्ता, नवलसिंह व कोषाध्यक्ष डॉ भूपेंद्र सिँह ने टीम को सुभकामनाये प्रेषित की।