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दुर्गम राहों से होकर बच्चों की उम्मीदों तक पहुंची वाइब पहल, राउंड टेबल इंडिया ने बांटी खुशियां

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29 Jul 26
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दुर्गम राहों से होकर बच्चों की उम्मीदों तक पहुंची वाइब पहल, राउंड टेबल इंडिया ने बांटी खुशियां


उदयपुर। समाजसेवा का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राउंड टेबल इंडिया ने अपनी वाइब (टपइम) पहल के तहत शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, घड़ियावास में सेवा अभियान चलाया। कच्चे और चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार कर टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां के 80 नन्हे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह की अनमोल मुस्कान देखने को मिली।
विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत सभी 80 बच्चों को नई चप्पलें, स्कूल बैग और नोटबुक वितरित किए गए। साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गर्मी से राहत और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंखे एवं पानी के कैंपर भी भेंट किए गए। इन आवश्यक संसाधनों से विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।
राउंड टेबल इंडिया के सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे संवाद किया और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने तथा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों का उत्साह और उनके चेहरों पर झलकती खुशी इस सेवा अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
इस अवसर पर उदयपुर राउंड टेबल 253 के सदस्य पार्थ कर्णावट, प्रियंक माथुर, तिलक कटारिया और अक्षय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना है।
राउंड टेबल इंडिया की वाइब पहल लगातार ऐसे दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों तक पहुंचकर शिक्षा, स्वास्थय और बुनियादी सुविधाओं से वंचित बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का कार्य कर रही है। यह अभियान सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सेवा भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।


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