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बसन्त पंचमी पर पराक्रम दिवस का आयोजन

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24 Jan 26
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बसन्त पंचमी पर पराक्रम दिवस का आयोजन

 

उदयपुर बसन्त पंचमी एवं पराक्रम दिवस के शुभ अवसर पर विज्ञान समिति, उदयपुर में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुलप्रमुख डॉ. के.एल. कोठारी ने की।डॉ. के.पी. तलेसरा ने बसन्त पंचमी के संदर्भ में कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता ‘‘वर दे वीणा वादिनी....’’ का भावपूर्ण वाचन किया तथा बसन्त ऋतु में प्रकृति के विविध परिवर्तनों पर विस्तृत जानकारी दी। पराक्रम दिवस पर बोलते हुए उन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के क्रान्तिकारी विचारों एवं भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन को रेखांकित किया। उन्होंने आजाद हिन्द फौज, ‘जय हिन्द’ नारा तथा प्रसिद्ध उद्घोष ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’’ आदि पर प्रकाश डाला। इंजी. एम.पी. जैन ने नेताजी की जीवनी के महत्वपूर्ण पक्षों पर प्रकाश डाला। चर्चा में डॉ. सकलेचा, डॉ. आर.के. गर्ग एवं इंजी. आर.के. खोखावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इंजी. आर.के. चतुर ने अपने पिता-पारिवारिक इतिहास एवं सुभाष चन्द्र बोस के स्वतन्त्रता संग्राम से जुड़ी एक रोचक घटना का उल्लेख किया। 

विज्ञान समिति के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने कहा की आज का विशेष दिन बसन्त पंचमी की सृजनात्मक ऊर्जा एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के पराक्रम की प्रेरणा को जोड़ता है। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी एवं वरिष्ठजनों में सांस्कृतिक जागरण एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। आज की परिचर्चा में मुनीश गोयल, डॉ. के.एल. तोतावत, डॉ. सुजान सिंह, इंजी. अशोक कुमार जैन, शांतिलाल भंडारी, रेणु भंडारी एवं मंजुला शर्मा ने भी सक्रिय भागीदारी की।


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