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उदयपुर में शिक्षा के बढ़ते कदम

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24 Jan 26
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उदयपुर में शिक्षा के बढ़ते कदम

उदयपुर । ज्ञान, कला और विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर उदयपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सौगात मिली। विद्या भवन परिसर में विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का शुभारंभ शुक्रवार को संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी और जिला कलक्टर नमित मेहता के आतिथ्य में हुआ। नवीन, अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों  के अनुरूप भव्य व विशाल परिसर में संचालित होने वाले यह स्कूल उदयपुर में शिक्षा के बढ़ते कदमों का परिचायक होगा।

प्रारंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन और दीप प्रज्जवलित कर स्कूल का शुभारंभ किया। इस मौके पर अतिथियों ने कहा कि उत्कृष्टता, गुणवत्ता तथा सृजनात्मकता से परिपूर्ण मूल्यों पर आधारित विद्या भवन की समृद्ध शिक्षा विरासत अनुकरणीय हैं। रविन्द्र नाथ टैगोर को उद्धृत करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि   स्कूल परिसर तथा शिक्षण व्यवस्था भय मुक्त मन वाले तथा मेधा, ज्ञान व आत्मविश्वास से पूर्ण नेतृत्व करने वाले नागरिक तैयार करेगा।

इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्योगपति सलिल सिंघल ने शिक्षा व कौशल के वर्तमान परिदृश्य तथा भविष्य की परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के माहौल में  लक्ष्यपूर्ण  नवीनता, नवाचार, नवदृष्टि  से ही  प्रगति व विकास प्राप्त होता है। विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल यह अपेक्षाएं पूर्ण करेगा।

विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष जे के तायलिया ने विश्वास दिलाया कि विद्या भवन अन्तराष्ट्रीय स्कूल देश विदेश की एक सर्वाच्च संस्था होगी जहां  संस्कारवान, संवेदनशील तथा  अद्वितीय मेधा वाले  विद्यार्थीपल्लवित, पुष्पित होंगे। विद्या भवन के सीईओ राजेंद्र भट्ट ने कहा कि परिसर में एक विशाल और अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जा रहा है जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने अवगत कराया कि विद्यालय में आधुनिक कक्षाओं, स्मार्ट लर्निंग सुविधाओं, खेलकूद, प्रयोगशालाओं एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विश्व स्तरीय शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक एवं प्रतिष्ठित उद्भव स्कूल का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर चुकी चांदनी गोलछा ने  कहा कि विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता  के साथ साथ सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण को विकसित करना है। शिक्षा सलाहकार शशांक वीरा ने कहा की चार वर्ष की उम्र में इस स्कूल में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी 2045 में जब पढ़ाई पूरी करेंगे, तब वे तत्कालीन विश्व परिदृश्य के अनुरूप श्रेष्ठ नागरिक होंगे। उन्होंने केंब्रिज बोर्ड की विशेषताओं का विस्तृत वर्णन किया । इस अवसर पर कोटक महिंद्रा  के सी एस आर प्रमुख शशांक जैन तथा शिक्षाविद मेघना राणा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्या भवन परिवार के सदस्य, अभिभावक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
 


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