उदयपुर, पशुपालन एवं पशु कल्याण माह का आयोजन राज्य भर में 14 जनवरी से 13 फरवरी तक किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकना और पशुओं द्वारा किए गए मानवीय योगदान के साथ-साथ उनके कल्याण, संवर्धन, संरक्षण और विकास को याद दिलाना है। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पशु क्रूरता निवारण विषय पर प्रकाशित पत्रक को संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने जारी किया। डॉ. छंगाणी ने जनता से पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकने की पहल करने और अपनी आजीविका के लिए उन्नत पशुपालन में संलग्न होने का आग्रह किया। जानवरों के प्रति दया, प्रेम और करुणा का भाव रखें। वर्तमान में, सभी पशुपालकों को राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में शामिल होना चाहिए और उससे लाभ उठाना चाहिए।
डॉ. छंगानी ने कहा कि हमें अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए, हम जानवरों को नहीं पालते, बल्कि जानवर हमें पालते हैं। यदि हम इस मानवता के साथ पशुपालन का व्यवसाय करते हैं, तो हम निश्चित रूप से जानवरों का शोषण नहीं करेंगे, बल्कि उनका उन्नत तरीके से प्रबंधन करेंगे। डॉ. पद्मा मील ने कहा कि आज चेतक सर्कल में ये पर्चे बांटे गए और उदयपुर शहर में पशुपालन डिप्लोमा के छात्रों द्वारा आम जनता में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक रैली का आयोजन किया गया।