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गणेशनगर में हिंदू सम्मेलन में संतों का आह्वान, अब एक ही परिचय हो-मैं हिन्दू हूं

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01 Feb 26
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गणेशनगर में हिंदू सम्मेलन में संतों का आह्वान, अब एक ही परिचय हो-मैं हिन्दू हूं

उदयपुर। शहर के गणेशनगर पहाडा बस्ती में कलश यात्रा के साथ विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें बडी संख्या में सनातन प्रेमियों ने भाग लिया। संतों ने हिन्दू समाज को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अब हिन्दू सनातनियों का एक ही परिचय होना चाहिए कि मैं हिन्दू हूं। सम्मेलन में बडी संख्या में मातृशक्ति ने भाग लिया और बालिकाओं ने तलवार नृत्य कर अपनी वीरता का परिचय दिया।
समिति के संयोजक डॉ. विष्णु शंकर पालीवाल ने बताया कि शताब्दी वर्ष योजना के अंतर्गत गणेशनगर में विराट हिंदू सम्मेलन से पूर्व बेकनी पुलिया स्थित सांवरिया गार्डन से कलश यात्रा निकली जिसमें 200 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा सांवरियां गार्डन से विश्वविद्यालय मार्ग होते हुए इंद्रप्रस्थ गार्डन पहुंची जहां हिन्दू सम्मेलन आयोजित हुआ। कलश यात्रा में सैंकडों की संख्या में सनातन प्रेमी शामिल हुए। यात्रा में माकडादेव आश्रम, झाडोल के संत गुलाबदास जी महाराज भी शामिल हुए जिन्हें एक हेरिटेज कार में सवार किया गया। जगह-जगह कलश यात्रा का और गुलाबदास महाराज का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। सम्मेलन में गुलाबदास महाराज के साथ ही श्रीकुलम आश्रम ढीकली से साध्वी दीदी भुवनेश्वरीजी भी शामिल हुईं। इनके साथ ही संघ प्रचारक भगवान सहाय मुख्य वक्ता के रुप में शामिल हुई। समाजसेवी प्रकाश सेन मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। इस दौरान आरएसएस व भाजपा के वरिष्ठ नेता मदनलाल मूंदडा तथा बॉक्सिंग में राष्टीय पदक विजेता धु्रव जैन का सम्मान भी किया गया। दिव्या माली व उनकी टीम ने तलवार नृत्य का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुगध कर दिया। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय के जयकारें लगाए। सम्मेलन में गुलाबदास महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि अब जात-पात की बात छोडकर हमारा एक ही परिचय होना चाहिए और वह है हिन्दू। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर उन असहाय हिन्दुओं की मदद करनी चाहिए जिनको विधर्मी बांटने में लगे हैं। आज बडी संख्या में हो रहे धर्मान्तरण को रोकने की जिम्मेदारी प्रत्येक हिन्दू की है। हमें मां भारती के सम्मान के लिए घर से निकलने और हिन्दुओं को जाग्रत करने की आवश्यकता है। साध्वी दीदी भुवनेश्वरीजी ने भी समाज में जागरुकता की जरुरत बताते हुए कहा कि हमें बेटियों को विधर्मियों के हाथों बचाने की जरुरत है। उन्होंने कई उदाहरण बताते हुए कहा कि परिवार में संस्कार रहेंगे तो हमें कोई बांट नहीं सकता, कोई तोड नहीं सकता और न कोई विखंडित कर सकता है। संघ के प्रचारक भगवान सहाय ने संघ के शताब्दी वर्ष पर देश भर में आयोजित किए जा रहे हिन्दू सम्मेलनों की आवश्यकता व प्रासंगतिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक हिन्दू को सजग और सचेत रहने की आवश्यकता है। 


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