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आस्था एकता और संस्कृति का महासंगम आर्शीवाद नगर बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न

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02 Feb 26
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आस्था एकता और संस्कृति का महासंगम आर्शीवाद नगर बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न

आर्शीवाद नगर बस्ती में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ऐतिहासिक भव्यता अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह सम्मेलन हिंदू समाज की एकता सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। आर्शीवाद नगर बस्ती पालक उदयसिंह देवड़ा ने बताया कि इस कार्यक्रम में दो संतों का सानिध्य मिला महंत किशोर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री महालक्ष्मी आश्रम और श्री गुलाब दास जी महाराज माकड़ा देव झाडोल रहे।मुख्य वक्ता के रूप में चित्तौड़ प्रांतीय शारीरिक शिक्षक डॉ भारत भूषण ओझा मातृशक्ति वक्ता वंदना उदावत कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी लाल जैन अध्यक्ष नानालाल वया महिला प्रमुख डॉ सीमा चंपावत और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक  समाजसेवी और गणमान्य जन शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व संध्या पर भव्य वाहन रैली से हुई जिसमें भगवा ध्वज जय श्री राम के नारे और 100 से ज्यादा मातृशक्ति ने वाहन रैली भी हिस्सा लिया। 

संयोजक लक्ष्मी लाल जैन ने बताया कि विराट हिंदू सम्मेलन की शुरुआत भव्य रैली से हुई जिसमें घोड़े बग्गी बैंड अपार जन समूह और भारी मात्रा में मातृ शक्ति ने भी इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया जिसका नेतृत्व महिला प्रमुख डॉ सीमा चम्पावत ने किया।मातृशक्ति 300 से ज्यादा की संख्या में कलश यात्रा के साथ शामिल हुई। यह रैली शिवजी मंदिर से शुरू होकर प्रेम नगर, शान्ति नगर, आशीर्वाद नगर, न्यू आशीर्वाद नगर, प्रगति नगर, ज्योति नगर, मयंक कॉलोनी, पन्ना विहार, न्यू अशोक नगर, आनन्द नगर, हीराबाग़ कॉलोनी, वर्धमान विहार, जैन कॉलोनी, कुशाल बाग, न्यू अशोक विहार विभिन्न मार्गो से गुजरती हुई चंदनवाड़ी पर धर्म सभा में परिवर्तित हुई।
अध्यक्ष नानालाल वया ने बताया कि धर्म सभा की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्वलन और योगाचार्य एडवोकेट बस्ती पालक उदय सिंह देवड़ा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। धर्म ध्वजा फहराई गई सम्मेलन स्थल भगवा ध्वजों धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित रहा। नवयुवतियों द्वारा तलवार नृत्य का प्रदर्शन किया गया जिसने आयोजन को अद्वितीय गरिमा प्रदान की। सम्मेलन में वक्ताओं ने सनातन संस्कृति राष्ट्रवाद सामाजिक समरसता और धर्म जागरण पर प्रभावी विचार रखे उन्होंने हिंदू समाज को संगठित होकर सामाजिक दायित्व निभाने धर्म की रक्षा करने और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। संतों ने अपने उद्बोधन में युवाओं को संस्कारवान बनने और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। हमें संगठित होना होगा नहीं तो हमारा और हमारे आने वाली पीढियां का और देश का भविष्य खतरे में होगा।

इस अवसर पर सत्यपाल सिंह भोपाल सिंह रांका सुरेश कोड़िया गजपाल सिंह राठौड़ मुकेश जैन मंगलसिंह शेखावत ध्रुव पटवा पूनमचंद मोर जितेन्द्र आर्य हँसमुख जैन विपुल पोरवाल विक्रम सिंह राजपुरोहित, नटवर लाल, आकाश प्रजापत, भोजन प्रवीण जैन, भगवत सिंह मोगरा नवीन नलवाया देवेन्द्र साहू हिम्मत सिसोदिया तुलसीराम भूरा लाल डांगी भावसार जमनालाल माली जयेश चंपावत सुरेश आंचलिया हिम्मत कोठारी गणपत मोरी गोपाल माली मिठू लाल डांगी आदि उपस्थित रहे
महिला सह प्रमुख मनीषा कोडीया ने बताया कि कार्यक्रम में मातृशक्ति की ओर से अनु चौहान राखी माली शोभना पटेल अनीता साहू मोहिनी जैन निर्मल जैन माया जैन सुमित्रा जैन शालिनी जैन पारुल सिंह आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ किया जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। उपस्थित अपार जनसमूह ने पूर्ण अनुशासन और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया जिससे आयोजन सफल और प्रेरणादायक बना।
आयोजन समिति ने सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
 


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