उदयपुर। धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 24 मई को दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित हो रहे जनजातीय समाज के विशाल राष्ट्रीय सांस्कृतिक समागम में भाग लेने उदयपुर संभाग से करीब 8 हजार लोग शनिवार को रेलों और बस द्वारा रवाना हुए। इनके लिए भोजन पानी की व्यवस्था सर्व समाज की ओर से की गई।
समागम में भाग लेने उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावज सहित कई जनप्रतिनिधि रवाना हुए हैं। डॉ रावत ने बताया कि सुबह पौने चार बजे व सुबह 9 बजे की रेल से बडी संख्या में जनजाति कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए। कई कार्यकता्र बसों द्वारा भी दिल्ली रवाना हुए हैं। रेलवे स्टेशन पर भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं ने विदाई दी। रेलवे स्टेशन पर ही सर्व समाज की ओर से भोजन व पानी की भी व्यवस्था की गई जो सभी कार्यकर्ताओं को प्रदान किया गया। जनजाति के इस समागम के लिए सर्वसमाज की ओर से भी भरपूर पहल की गई है।
उल्लेखनीय है कि जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से दो लाख से अधिक जनजातीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। जनजाति सुरक्षा मंच राजस्थान के राज्य संयोजक लालूराम कटारा ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों सहित सुदूर उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों एवं अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह से लगभग 567 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति, युवा एवं प्रबुद्धजन अपनी पारम्परिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ इस समागम में भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति, परम्परा एवं सनातन मूल्यों की रक्षा तथा जनजागृति को सशक्त करना बताया गया है। देश के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतनी संख्या में भारत की भिन्न-भिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि पारम्परिक वेशभूषा एवं वाद्ययंत्रों के साथ देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होगें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे, जो लाल किला मैदान से जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशराम भगत, वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।